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5 फीट सरका जलस्तर, जलापूर्ति को लेकर मचा हाहाकार
Updated Wed, 23 May 2018 10:49 PM IST
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15 फीट नीचे पहुंचा पानी, पेयजल के लिए हाहाकार
फैजाबाद। तापमान बढ़ने के साथ-साथ शहर में भू-जलस्तर 15 फीट नीचे चला गया है। 12 से अधिक मोहल्लों के तमाम घरों में हुई बोरिंग फेल हो गई है। मोटर पानी नहीं उठा रही हैं। जलापूर्ति ठप होने हाहाकार मचा हुआ है। शहर के करीब 50 हजार लोग प्रभावित हैं। लो वोल्टेज के कारण नलकूपों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
नगर निगम पेयजल आपूर्ति के लिए 54 ट्यूबवेल से पानी संचालित कर रहा है। इसमें अयोध्या में 17 व फैजाबाद में 37 नलकूप हैं। शहर में जलकल विभाग 145 लीटर प्रति व्यक्ति पानी देने की बात कर रहा है। जबकि लोग पानी के लिए परेशान हैं। वहीं अब भू-जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। देवकाली, अंजनीपुरम, रीडगंज, आचार्यनरेंद्र देव, जनौरा, पुरानी सब्जीमंडी समेत कई मोहल्लों में स्थित जेटपंप की बोरिंग पानी नहीं उठा रही है। इससे स्थानीय लोगों में काफी परेशानी है। यही हाल समरसेबल व घरों में लगे हैंडपंपों का भी है। बड़ी तादात में हैंडपंप व बोरिंग फेल हो गई हैं। इसके असर से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित है। दूसरी ओर वाटर सप्लाई की भी स्थिति काफी खराब है। ऊंचाई पर बसे मोेहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है। पुरानी पाइप लाइन वाले क्षेत्रों में पानी बस नाम मात्र का आ रहा है। शहर के मध्य भूभाग में बसे ज्यादातर मोहल्लों में बिना मोटर से वाटर सप्लाई का पानी नहीं मिल रहा है। इसका बड़ा कारण यह है कि लो-वोल्टेज व अघोषित विद्युत कटौती के चलते नलकूप सही समय से संचालित नहीं हो पा रहे है।
गर्मी के बढ़ने के कारण शहरी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भू-जल स्तर 10 से 15 फुट नीचे गया है। कई स्थानों से बोरिंग चोक होने की बात समाने आई है। लो- वोल्टेज व अघोषित विद्युत कटौती का असर भी नलकूपों पर पड़ रहा है। जहां पानी लोगों को नहीं मिल पा रहा है वहां टीमें निरीक्षण कर पानी पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही हैं।- कामाख्या आनंद , अधिशासी अभियंता जलकल विभाग, नगर निगम
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सफेद हाथी बने ओवर हेड टैंक, नहीं हो रही जलापूर्ति
अयोध्या-फैजाबाद में 17 ओवर हेड टैंक हैं। इसमें 13 मौजूदा हालत में चल रहे हैं। जलकल का दावा है कि सभी ओवर हेड टैंक संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि यह हकीकत से परे है। ‘अमर उजाला’ टीम ने गुलाबबाड़ी व अश्नीपुरम पहुंचकर ओवर टैंक का जायजा लिया तो दोनों बंद पाए गए। वहां मौजूद कर्मचारियों की ओर से यह अवश्य बताया गया कि कभी-कभी एक-दो घंटे ओवर टैंक चालू किया जाता है। यही स्थिति अन्य ओवर हेड टैंकों की है। वाटर सप्लाई का पूरा संचालन नलकूपों पर ही निर्भर है। यही कारण है कि ऊंचे स्थानों पर पानी नहीं पहुंच रहा है।
रमजान में मुस्लिम मोहल्ले भी झेल रहे सांसत
शहर में रमजान माह को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रतिदिन दो घंटे अतिरिक्त पानी दिया जा रहा है। पहले सुबह चार बजे से संचालित होने वाली वाटर सप्लाई अब सुबह तीन बजे से व शाम को चार बजे से संचालित होने वाली वाटर सप्लाई दोपहर को तीन बजे से ही शुरू हो जाती है। हालांकि विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों में पानी न आने से लोगों में काफी रोष है। पुरानी सब्जी मंडी, ठठरहिया, रीडगंज, बछड़ा सुल्तानपुर, खुर्द महल समेत अन्य इलाकों में पानी न आने से लोगों को गुस्सा नगर निगम पर है।
पानी न होने से लोगों ने गिनाई दुश्वारी
सिटी स्टेशन निवासी शत्रुघन यादव बताते हैं कि चार दिनों से घर पर स्थित हैंडपाइप की बोरिंग फेल हो गई। हैंडपंप की बोरिंग 100 फुट पर थी। बोरिंग फेल हो जाने से काफी दिक्कत हो गयी। दिनभर पूरे परिवार को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
कंधी गली निवासी भानमती निषाद बताती हैं कि उनके घर में पानी का बहुत संकट है। वाटर सप्लाई का पानी घर में बहुत धीमा आता है। पानी के लिए बार-बार मोहल्ले में लगे इंडिया मार्का टू का चक्कर लगाना पड़ता है।
चौक लाइट गेट निवासी फिरोज अहमद बताते हैं कि रमजान माह व भारी गर्मी के बाद भी पानी की स्थिति बहुत खराब है। बिना मोटर के वाटर सप्लाई का पानी घर में नहीं पहुंच पाता है। रमजान माह में लोगों को बाहर से पानी भर कर लाना पड़ रहा है।
रीडगंज निवासी काशान अहमद बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ मोहल्ले में पानी का संकट गहरा गया है। सिर्फ नाम मात्र का पानी ही घरों तक पहुंच रहा है। मोटर लगाने के बाद भी छत तक पानी नहीं जा पाता है, जबकि बगल में ओवर हेड टैंक है।
नाका निवासी अवधेश तिवारी बताते हैं कि मोहल्ले में पानी का संकट है। वाटर सप्लाई का पानी न मिलने के कारण डिब्बा बंद व बोतल बंद पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। नगर निगम की ओर जल प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है।
खवासपूरा निवासी विशाल जायसवाल बताते हैं कि शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। इससे डिब्बा बंद पानी के दाम बढ़ गए हैं। अब तो आसानी से डिब्बा बंद पानी भी नहीं मिल रहा है। नाका स्थित प्रतिष्ठान के पास भी पानी का संकट है।
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फैजाबाद। तापमान बढ़ने के साथ-साथ शहर में भू-जलस्तर 15 फीट नीचे चला गया है। 12 से अधिक मोहल्लों के तमाम घरों में हुई बोरिंग फेल हो गई है। मोटर पानी नहीं उठा रही हैं। जलापूर्ति ठप होने हाहाकार मचा हुआ है। शहर के करीब 50 हजार लोग प्रभावित हैं। लो वोल्टेज के कारण नलकूपों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
नगर निगम पेयजल आपूर्ति के लिए 54 ट्यूबवेल से पानी संचालित कर रहा है। इसमें अयोध्या में 17 व फैजाबाद में 37 नलकूप हैं। शहर में जलकल विभाग 145 लीटर प्रति व्यक्ति पानी देने की बात कर रहा है। जबकि लोग पानी के लिए परेशान हैं। वहीं अब भू-जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। देवकाली, अंजनीपुरम, रीडगंज, आचार्यनरेंद्र देव, जनौरा, पुरानी सब्जीमंडी समेत कई मोहल्लों में स्थित जेटपंप की बोरिंग पानी नहीं उठा रही है। इससे स्थानीय लोगों में काफी परेशानी है। यही हाल समरसेबल व घरों में लगे हैंडपंपों का भी है। बड़ी तादात में हैंडपंप व बोरिंग फेल हो गई हैं। इसके असर से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित है। दूसरी ओर वाटर सप्लाई की भी स्थिति काफी खराब है। ऊंचाई पर बसे मोेहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है। पुरानी पाइप लाइन वाले क्षेत्रों में पानी बस नाम मात्र का आ रहा है। शहर के मध्य भूभाग में बसे ज्यादातर मोहल्लों में बिना मोटर से वाटर सप्लाई का पानी नहीं मिल रहा है। इसका बड़ा कारण यह है कि लो-वोल्टेज व अघोषित विद्युत कटौती के चलते नलकूप सही समय से संचालित नहीं हो पा रहे है।
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गर्मी के बढ़ने के कारण शहरी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भू-जल स्तर 10 से 15 फुट नीचे गया है। कई स्थानों से बोरिंग चोक होने की बात समाने आई है। लो- वोल्टेज व अघोषित विद्युत कटौती का असर भी नलकूपों पर पड़ रहा है। जहां पानी लोगों को नहीं मिल पा रहा है वहां टीमें निरीक्षण कर पानी पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही हैं।- कामाख्या आनंद , अधिशासी अभियंता जलकल विभाग, नगर निगम
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सफेद हाथी बने ओवर हेड टैंक, नहीं हो रही जलापूर्ति
अयोध्या-फैजाबाद में 17 ओवर हेड टैंक हैं। इसमें 13 मौजूदा हालत में चल रहे हैं। जलकल का दावा है कि सभी ओवर हेड टैंक संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि यह हकीकत से परे है। ‘अमर उजाला’ टीम ने गुलाबबाड़ी व अश्नीपुरम पहुंचकर ओवर टैंक का जायजा लिया तो दोनों बंद पाए गए। वहां मौजूद कर्मचारियों की ओर से यह अवश्य बताया गया कि कभी-कभी एक-दो घंटे ओवर टैंक चालू किया जाता है। यही स्थिति अन्य ओवर हेड टैंकों की है। वाटर सप्लाई का पूरा संचालन नलकूपों पर ही निर्भर है। यही कारण है कि ऊंचे स्थानों पर पानी नहीं पहुंच रहा है।
रमजान में मुस्लिम मोहल्ले भी झेल रहे सांसत
शहर में रमजान माह को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रतिदिन दो घंटे अतिरिक्त पानी दिया जा रहा है। पहले सुबह चार बजे से संचालित होने वाली वाटर सप्लाई अब सुबह तीन बजे से व शाम को चार बजे से संचालित होने वाली वाटर सप्लाई दोपहर को तीन बजे से ही शुरू हो जाती है। हालांकि विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों में पानी न आने से लोगों में काफी रोष है। पुरानी सब्जी मंडी, ठठरहिया, रीडगंज, बछड़ा सुल्तानपुर, खुर्द महल समेत अन्य इलाकों में पानी न आने से लोगों को गुस्सा नगर निगम पर है।
पानी न होने से लोगों ने गिनाई दुश्वारी
सिटी स्टेशन निवासी शत्रुघन यादव बताते हैं कि चार दिनों से घर पर स्थित हैंडपाइप की बोरिंग फेल हो गई। हैंडपंप की बोरिंग 100 फुट पर थी। बोरिंग फेल हो जाने से काफी दिक्कत हो गयी। दिनभर पूरे परिवार को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
कंधी गली निवासी भानमती निषाद बताती हैं कि उनके घर में पानी का बहुत संकट है। वाटर सप्लाई का पानी घर में बहुत धीमा आता है। पानी के लिए बार-बार मोहल्ले में लगे इंडिया मार्का टू का चक्कर लगाना पड़ता है।
चौक लाइट गेट निवासी फिरोज अहमद बताते हैं कि रमजान माह व भारी गर्मी के बाद भी पानी की स्थिति बहुत खराब है। बिना मोटर के वाटर सप्लाई का पानी घर में नहीं पहुंच पाता है। रमजान माह में लोगों को बाहर से पानी भर कर लाना पड़ रहा है।
रीडगंज निवासी काशान अहमद बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ मोहल्ले में पानी का संकट गहरा गया है। सिर्फ नाम मात्र का पानी ही घरों तक पहुंच रहा है। मोटर लगाने के बाद भी छत तक पानी नहीं जा पाता है, जबकि बगल में ओवर हेड टैंक है।
नाका निवासी अवधेश तिवारी बताते हैं कि मोहल्ले में पानी का संकट है। वाटर सप्लाई का पानी न मिलने के कारण डिब्बा बंद व बोतल बंद पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। नगर निगम की ओर जल प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है।
खवासपूरा निवासी विशाल जायसवाल बताते हैं कि शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। इससे डिब्बा बंद पानी के दाम बढ़ गए हैं। अब तो आसानी से डिब्बा बंद पानी भी नहीं मिल रहा है। नाका स्थित प्रतिष्ठान के पास भी पानी का संकट है।