...यादों की चमक बाकी है’
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इसके बाद ‘दिल के आइने
में यादों की चमक बाकी है, मेरी सांसों में तेरी महक बाकी है’ तथा ‘फूल
राहों पर खिसने लगे चांदनी का मजा आ गया, आपका साथ जब से मिला जिंदगी का
मजा आ गया।’ अंत में जैसे ही उन्होंने माइक पर ‘दमा दम मस्त कलंदर’ गाना
शुरू किया। पंडाल में उपस्थित लोग झूम उठे।
उनके गीत व गजलों को
सभी ने खूब सराहा। शाम सात बजे से ही श्रोता महोत्सव पंडाल में पीनाज मसानी
का कार्यक्रम सुनने के लिए पहुंचने लगे थे। देर रात तक राजस्थानी तथा अन्य
कलाकारों का कार्यक्रम चलता रहा। अंत में पीनाज मसानी ने सैफई महोत्सव में
अपने गीतों व गजलों की धूम मचाई।
उन्होंने कहा कि वे सैफई महोत्सव
में आकर बहुत खुश हैं। यहां का कार्यक्रम बहुत स्तरीय एवं उम्दा है। सैफई
का मंच किसी मायने में कहीं से कम नहीं है।