फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Platelet count dropping during fever; tests rule out malaria and dengue.

Etawah News: बुखार में गिर रहीं प्लेटलेट्स, जांच में मलेरिया न डेंगू

Sun, 30 Aug 2026 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
Platelet count dropping during fever; tests rule out malaria and dengue.
फोटो 24: खून की जांच के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
विज्ञापन

डॉक्टर बोले- यह वायरल इंफेक्शन है जो सीधे ब्लड प्लेटलेट्स पर असर डाल रहा
प्लेटलेट्स कम होने से मरीजों को चलने-फिरने में हो रही भारी दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। मौसम के बदलते ही जिले में वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से फैल गया है। अस्पतालों पहुंचने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या बुखार पीड़ितों की है। मरीजों को तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत हो रही है लेकिन जांच में न तो डेंगू की पुष्टि हो रही है और न ही मलेरिया निकल रहा है। इसके बावजूद मरीजों के खून में प्लेटलेट्स तेजी से नीचे गिर रही हैं, जिससे लोगों को चलने-फिरने तक में दिक्कत महसूस हो रही है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना औसतन 360 से अधिक लोगों की खून की जांच की जा रही है। इनमें से 100 से ज्यादा मरीज वायरल बुखार की चपेट में मिल रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि यह एक विशिष्ट प्रकार का वायरल इंफेक्शन है जो सीधे तौर पर ब्लड प्लेटलेट्स पर असर डाल रहा है।
विज्ञापन

प्लेटलेट्स अचानक घटकर 40 से 50 हजार तक पहुंच जा रही हैं, जिससे मरीजों के जोड़ों में दर्द और अत्यधिक थकान की समस्या बन रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीजों को खुद से कोई एंटीबायोटिक या पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) खाने से पूरी तरह बचना चाहिए। डॉक्टर जांच के बाद दवाएं देने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही यदि बुखार तीन दिन से अधिक रहे या प्लेटलेट्स लगातार गिरें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा न लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------------------
इन बातों का रखें ध्यान---
बदन में दर्द होने व थकान होने को हल्के में न लें। तीन दिन से अधिक बुखार आने पर पास के अस्पताल में तुरत जांच करवाएं। बिना डॉक्टर के परामर्श के बाद मेडिकल स्टोर से दवा न लें। दिन में चार से पांच लीटर पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल और सूप का सेवन करें। पपीते के पत्ते का रस व पौष्टिक आहार लें, मसालेदार खाद्य पदार्थ से दूर रहें। मरीज को कम से कम पांच से सात दिन पूरी तरह से आराम करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed