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सिक्सलेन के किनारे ट्रकों ने बनाया स्टैंड, आए दिन होती हैं दुर्घटनाएं
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फ़ोटो संख्या 10- भरथना स्थित छोला मंदिर परिसर में पौधारोपण करते भारत विकास परिषद के पदाधिकारी
- फोटो : ETAWAH
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बकेवर। सिक्सलेन कानपुर-इटावा हाईवे के किनारे कई स्थानों पर खड़े ट्रक हादसों का सबब बन रहे हैं। इन ट्रकों में भिड़ने से अक्सर किसी न किसी की जान चली जाती है। दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है।
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च करके लोगों को जागरूक करने का दम हर साल सरकार भरती है। इसके बाद भी सड़क सुरक्षा के नियम धरातल पर देखने को नहीं मिलते हैं। लोगों का कहना है कि गोष्ठियों और सेमिनार में तो वाहन चालकों को नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन हाईवे पर ट्रक और कंटेनर चालकों को समझाने वाला कोई नहीं है।
हाईवे पर सड़क के दोनों ओर ट्रक व भारी वाहनों का मेला लगा रहता है। सड़क किनारे चालक अपने वाहन अक्सर रात में बेतरतीब खड़ा कर देते हैं। ये दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन लापरवाह वाहन चालकों पर आज तक
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लगाम नहीं लग सकी। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में हाईवे पर गश्त करते हैं, लेकिन हकीकत में वह कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। दुर्घटनाएं अक्सर ढाबों के आसपास होती हैं, जब ट्रक चालक लापरवाही से वाहन खड़ा कर देते हैं। खड़े वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम के स्टीकर।
सबसे ज्यादा बड़े वाहन ढाबों पर खड़े नजर आते हैं। रात व दिन मेें यहां वाहन एक के पीछे एक खड़े रहते हैं। नियमित चेकिंग और चालान न होने की वजह से हादसे का डर बना रहता है। छुटपुट मामले तो यहां प्रतिदिन होते रहते हैं।
कस्बे से दो किलोमीटर दूर इटावा मार्ग पर एक ढाबे के सामने चौबीस घंटे ट्रक खड़े रहने से ऐसा लगता है मानो पार्किंग की सुविधा मिल गई हो। कई बार यहां ट्रक चालकों पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन आज तक समस्या दूर नहीं हो सकी। नतीजा ये है कि यहां प्रतिदिन हादसे होते हैं लेकिन कार्रवाई किसी पर भी नहीं होती। खड़े होने के साथ ही इस स्थान से ट्रकों में लोड मौरंग की बिक्री भी की जाती है।
कई बार ट्रकों या अन्य लोडिंग वाहनों में उनकी क्षमता से अधिक माल भरा होता है। मुख्यता लोहे के सरिया, गार्डर आदि जो वाहन की बॉडी की लंबाई में न आते हुए पीछे निकले रहते हैं। वह भी हादसों का कारण बनते हैं। इनमें पीछे से आ रहे वाहन सवार कई बार टकरा जाते हैं।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। हाईवे पर ढाबा आदि के सामने सड़क पर खड़े रहने वाले ट्रकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ढाबा संचालक ट्रकों को सड़क किनारे खड़े होने से रोकना चाहिए। ऐसा करने वाले ढाबा संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - विजय सिंह, सीओ भरथना
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सड़क सुरक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च करके लोगों को जागरूक करने का दम हर साल सरकार भरती है। इसके बाद भी सड़क सुरक्षा के नियम धरातल पर देखने को नहीं मिलते हैं। लोगों का कहना है कि गोष्ठियों और सेमिनार में तो वाहन चालकों को नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन हाईवे पर ट्रक और कंटेनर चालकों को समझाने वाला कोई नहीं है।
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हाईवे पर सड़क के दोनों ओर ट्रक व भारी वाहनों का मेला लगा रहता है। सड़क किनारे चालक अपने वाहन अक्सर रात में बेतरतीब खड़ा कर देते हैं। ये दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन लापरवाह वाहन चालकों पर आज तक
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लगाम नहीं लग सकी। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में हाईवे पर गश्त करते हैं, लेकिन हकीकत में वह कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। दुर्घटनाएं अक्सर ढाबों के आसपास होती हैं, जब ट्रक चालक लापरवाही से वाहन खड़ा कर देते हैं। खड़े वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम के स्टीकर।
सबसे ज्यादा बड़े वाहन ढाबों पर खड़े नजर आते हैं। रात व दिन मेें यहां वाहन एक के पीछे एक खड़े रहते हैं। नियमित चेकिंग और चालान न होने की वजह से हादसे का डर बना रहता है। छुटपुट मामले तो यहां प्रतिदिन होते रहते हैं।
कस्बे से दो किलोमीटर दूर इटावा मार्ग पर एक ढाबे के सामने चौबीस घंटे ट्रक खड़े रहने से ऐसा लगता है मानो पार्किंग की सुविधा मिल गई हो। कई बार यहां ट्रक चालकों पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन आज तक समस्या दूर नहीं हो सकी। नतीजा ये है कि यहां प्रतिदिन हादसे होते हैं लेकिन कार्रवाई किसी पर भी नहीं होती। खड़े होने के साथ ही इस स्थान से ट्रकों में लोड मौरंग की बिक्री भी की जाती है।
कई बार ट्रकों या अन्य लोडिंग वाहनों में उनकी क्षमता से अधिक माल भरा होता है। मुख्यता लोहे के सरिया, गार्डर आदि जो वाहन की बॉडी की लंबाई में न आते हुए पीछे निकले रहते हैं। वह भी हादसों का कारण बनते हैं। इनमें पीछे से आ रहे वाहन सवार कई बार टकरा जाते हैं।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। हाईवे पर ढाबा आदि के सामने सड़क पर खड़े रहने वाले ट्रकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ढाबा संचालक ट्रकों को सड़क किनारे खड़े होने से रोकना चाहिए। ऐसा करने वाले ढाबा संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - विजय सिंह, सीओ भरथना