फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   The death of three farmers on crop waste

फसल बर्बादी पर तीन और किसानों की मौत

Mon, 04 May 2015 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Mon, 04 May 2015 10:28 PM IST
विज्ञापन
The death of three farmers on crop waste

मुख्यमंत्री के जिले में बर्बाद फसल के सदमे से तीन और किसानों की मौत हो गई। इन पर लाखों रुपये का कर्ज भी था। प्रशासनिक अधिकारी किसानों की मौत को फसल की बर्बादी से जोड़कर देखने को तैयार नहीं हैं। किसानों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मचा है। कोहराम इस बात को लेकर भी है कि परिवार अब लाखों रुपये के कर्ज को अदा कैसे करेगा, क्योंकि प्रशासन के रवैये से परिजनों को सरकारी मदद की भी उम्मीद नहीं है।

विज्ञापन


पहली घटना भरथना थाना क्षेत्र के गांव नगला घासी में हुई। यहां के राजेश यादव (45) पुत्र नेत्रपाल सिंह ने अपने 15 बीघा खेतों में गेहूं की फसल बोई थी, जो बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से चौपट हो गई। सोमवार की सुबह वह अपने बेटे राहुल व शीलू के साथ गेहूं की कटाई करने खेत पर पहुंचा।
विज्ञापन


उसने गेहूं की बालियां देखीं तो उनमें दाना काफी पतला था। बर्बाद फसल देखकर वह अचेत होकर खेत पर ही गिर पड़ा। उसके बेटों ने आवाज देकर अपने परिवार के लोगों को बुलाया। परिजन मौके पर पहुंचे और खेत में अचेत पड़े राजेश को जिला अस्पताल ले गए। यहां डाक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मृतक के भाई राजीव यादव ने बताया कि राजेश ने 10 महीने पहले बेटी की शादी की थी। शादी के लिए उसने पांच-छह लाख रुपये का कर्जा लिया था। कर्ज में दबे राजेश की बर्बाद फसल देखकर सदमे से मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

दूसरी घटना बकेवर थाना क्षेत्र के गांव नगला बसी में हुई। यहां नाथूराम (50) पुत्र रामस्वरूप ने 40 बीघा जमीन उगाई पर ली थी। इसके लिए उसने अपने परिचितों से करीब सवा लाख रुपये कर्जा भी लिया था। उसने खेतों में गेहूं की फसल बोई थी।

रविवार की रात उसने गेहूं की थ्रेसिंग कराई, लेकिन पैदावार उम्मीद से काफी कम निकली। इसका सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सका और खेत में ही बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे इलाज के लिए ले जाते, उससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

मृतक के पुत्र अनिल ने बताया कि फसल बर्बाद हो गई थी। कर्जा कहां से चुकाते, इसी सदमे से पिता की मौत हो गई। इन दोनों की घटनाओं की जांच करने वाले तहसीलदार भरथना सुभाषचंद्र यादव ने बताया कि नगला बसी निवासी नाथूराम दिल का मरीज था। उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। वहीं नगला घासी में राजेश यादव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण साफ हो सकेगा।

तीसरी घटना जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव प्रतापपुरा की है। यहां के जयदेव (36) पुत्र बलवंत सिंह की रविवार की रात सदमे से मौत हो गई। पत्नी गिरजा देवी ने बताया कि पति जयदेव ने खेतों में आलू की फसल बोई थी। फसल बोने तथा डीसीएम खरीदने के लिए उन्होंने कर्जा लिया था।

उम्मीद थी कि पैदावार अच्छी होने पर वह कर्जा चुकता कर देंगे, लेकिन फसल बर्बाद हो गई और कर्जा भी अदा नहीं हो पाया। इसी से परेशान होकर उन्हें रविवार की रात तीन बजे दिल का दौरा पड़ा। इलाज के लिए सैफई रिम्स ले गए।


यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसडीएम हंसराज यादव ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल को जांच के लिए भेजा गया है। परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष तथा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत मदद दिलाई जाएगी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से मची तबाही के बाद जिले में अब तक करीब 27 किसानों की मौत हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed