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सांप के काटने पर सरकारी अस्पताल में कराएं इलाज
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इटावा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी में शुक्रवार को विश्व सर्प दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान विद्यालय में मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया परिवार एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये एक दशक से ज्यादा समय से कार्यरत संस्था ओशन ने संयुक्त रूप से विचार गोष्ठी आयोजित की।
गोष्ठी में डा. आशीष त्रिपाठी ने सांप के काटने के बाद दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहरीले सांपों के काटने के बाद झाड़-फूंक नहीं करवाना चाहिए। सर्पदंश का एकमात्र इलाज एंटी वैनम है, जो सीएचसी/जिला अस्पताल में उपलब्ध है।
गोष्ठी के संयोजक प्रधानाचार्य डा.नर्मल चंद्र बाजपेयी ने कहा कि मैंने अपने सेवाकाल में कई जहरीले सांपों का रेस्क्यू किया है। तीन प्रकार के विषैले सर्पों में कोबरा, करैत व रसल वाइपर को छोड़कर लगभग सभी सर्प विषहीन ही है। जिनसे डरने की आवश्यकता नही है। गोष्ठी में पूर्व सहायक कोषाधिकारी आशुतोष भट्टाचार्य, रामकृपाल, प्रतिपाल सिंह, अभिषेक भास्कर, शिखा यादव, पुष्पराज सिंह, राकेश कुमार, अर्चना यादव आदि रहीं।
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गोष्ठी में डा. आशीष त्रिपाठी ने सांप के काटने के बाद दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहरीले सांपों के काटने के बाद झाड़-फूंक नहीं करवाना चाहिए। सर्पदंश का एकमात्र इलाज एंटी वैनम है, जो सीएचसी/जिला अस्पताल में उपलब्ध है।
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गोष्ठी के संयोजक प्रधानाचार्य डा.नर्मल चंद्र बाजपेयी ने कहा कि मैंने अपने सेवाकाल में कई जहरीले सांपों का रेस्क्यू किया है। तीन प्रकार के विषैले सर्पों में कोबरा, करैत व रसल वाइपर को छोड़कर लगभग सभी सर्प विषहीन ही है। जिनसे डरने की आवश्यकता नही है। गोष्ठी में पूर्व सहायक कोषाधिकारी आशुतोष भट्टाचार्य, रामकृपाल, प्रतिपाल सिंह, अभिषेक भास्कर, शिखा यादव, पुष्पराज सिंह, राकेश कुमार, अर्चना यादव आदि रहीं।
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