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सैफई पीजीआई के कोरोना वार्ड की सैनिटेशन कमेटी भंग
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इटावा। कोरोना मरीजों के वार्ड से मेडिकल वेस्ट न उठाने और अस्पताल जाकर समस्या का निराकरण न करने के मामले में कुलपति ने सैनिटेशन कमेटी को भंग कर जांच बैठा दी गई है। जांच कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। नई कमेटी भी बना दी गई है। अब कोरोना अस्पताल की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी।
मंगलवार को कुलपति प्रो डॉ. राजकुमार ने बताया कि आगरा से लाए 71 कोरोना मरीज पीजीआई में भर्ती हैं। बिना सूचना के बड़ी संख्या में मरीज आने से 23 अप्रैल को उनके लिए नाश्ता और भोजन में दो घंटे देरी हो गई थी। इसके बाद समय पर भोजन दिया जा रहा है। 24 अप्रैल को सफाई कर्मी सुबह आए थे, लेकिन बाद में कोरोना मरीजों के कारण बायोमेडिकल वेस्ट नहीं उठाया था।
दरअसल चार-पांच कोरोना मरीज कक्ष के बाहर घूमने के साथ थूक भी रहे थे। गाली भी दे रहे थे, इसलिए सफाईकर्मी वहां से भाग गए थे। उनमें डर बैठ गया था। काउंसिलिंग कर उनके डर का निवारण किया गया। सफाई ठेकेदार को नोटिस देकर तहसील प्रशासन को सूचित किया जा चुका है। वेंडर को दो बार बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
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मंगलवार को हुई बैठक में ये सामने आया कि 24 अप्रैल को कमेटी के चार सदस्यों में कोई भी समस्या का समाधान करने अस्पताल में नहीं गया। इस कारण सैनिटेशन कमेटी को भंग कर जांच बैठा दी गई है। ये कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। नई सैनिटेशन कमेटी का पुन: गठित किया गया है। प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने बताया कि कोरोना अस्पताल की सभी कमेटियों से प्रतिदिन का प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। हर व्यवस्था की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाएगी।
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मंगलवार को कुलपति प्रो डॉ. राजकुमार ने बताया कि आगरा से लाए 71 कोरोना मरीज पीजीआई में भर्ती हैं। बिना सूचना के बड़ी संख्या में मरीज आने से 23 अप्रैल को उनके लिए नाश्ता और भोजन में दो घंटे देरी हो गई थी। इसके बाद समय पर भोजन दिया जा रहा है। 24 अप्रैल को सफाई कर्मी सुबह आए थे, लेकिन बाद में कोरोना मरीजों के कारण बायोमेडिकल वेस्ट नहीं उठाया था।
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दरअसल चार-पांच कोरोना मरीज कक्ष के बाहर घूमने के साथ थूक भी रहे थे। गाली भी दे रहे थे, इसलिए सफाईकर्मी वहां से भाग गए थे। उनमें डर बैठ गया था। काउंसिलिंग कर उनके डर का निवारण किया गया। सफाई ठेकेदार को नोटिस देकर तहसील प्रशासन को सूचित किया जा चुका है। वेंडर को दो बार बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
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मंगलवार को हुई बैठक में ये सामने आया कि 24 अप्रैल को कमेटी के चार सदस्यों में कोई भी समस्या का समाधान करने अस्पताल में नहीं गया। इस कारण सैनिटेशन कमेटी को भंग कर जांच बैठा दी गई है। ये कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। नई सैनिटेशन कमेटी का पुन: गठित किया गया है। प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने बताया कि कोरोना अस्पताल की सभी कमेटियों से प्रतिदिन का प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। हर व्यवस्था की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाएगी।