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Etawah News: जेब ढीली कर रहा डेंगू, मलेरिया का डंक

Mon, 07 Sep 2026 11:10 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:10 PM IST
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Dengue and malaria stings are burning a hole in pockets.
इटावा। बारिश के बाद मच्छरजनित बीमारियों में बढ़ोतरी हुई है। जिले में सबसे अधिक डेंगू के छह व स्वाइन फ्लू के दो केस मिल चुके हैं। वहीं, जिला अस्पताल व जन औषधि केंद्र पर कैरिका, पपाया प्लेटलेट्स, आर्टीमीटर समेत कई तरह दवाओं का टोटा होने से मरीजों को पांच गुना दाम देकर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
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डॉ. बीआर आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में हर दिन करीब 1200 से अधिक मरीज दवा लेने पहुंचते हैं। एक सप्ताह में डेंगू के छह मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, जिला अस्पताल में मलेरिया व डेंगू की दवाओं का स्टॉक कम हो गया है। जिला अस्पताल परिसर में बने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में कई दवाओं का स्टॉक नहीं है। इस समय की सबसे अधिक जरूरत वाली डेंगू और मलेरिया की दवाएं भी कम हैं। मरीजों को मजबूरी में पांच गुना महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। जन औषधि केंद्र पर 110 रुपये में मलेरिया की दवाओं का कोर्स उपलब्ध हो जाता है, जबकि निजी मेडिकल स्टोर पर करीब 550 रुपये में ब्रांडेड दवाओं का कोर्स मिल रहा है। वहीं, डेंगू की दवा जन औषधि केंद्र पर 200 और निजी मेडिकल स्टोर पर करीब दो हजार रुपये तक में मिल रही है।
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लारियागो, आर्टीमीटर एवं ल्यूमीफेनटेराइन, एल्फा-बीटा आर्थीटर इंजेक्शन, कैरिका, पपाया प्लेटलेट्स आदि दवाओं की जन औषधि केंद्र पर कमी है। जन औषधि संचालक आयुष तिवारी ने बताया कि पिछली बार मलेरिया व डेंगू की दवाएं मंगाई थी। मरीज नहीं होने के कारण बिक्री नहीं हुई थी। मलेरिया व डेंगू के मरीज बढ़ने पर दवाओं के स्टॉक की डिमांड भेज दी गई है। जल्द ये दवाएं उपलब्ध हो जाएगी।
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संयुक्त जिला अस्पताल में एक हफ्ते में 150 मरीजों की जांच करवाई गई। इनमें छह लोग डेंगू से संक्रमित पाए गए। मरीजों में दो सैफई के, तीन रजपुरा गांव के भाई-बहन और एक वैदपुरा क्षेत्र का रहने वाला है। इसी तरह स्वाइन फ्लू के दो केस सामने आ चुके हैं। इसमें एक शहरी किशोरी है जबकि दूसरा भरथना क्षेत्र का चार वर्षीय बालक है।
बारिश के बाद मलेरिया व डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ी है। इसमें जिला अस्पताल समेत जन औषधि केंद्र पर दवाओं की कमी है। ऐसे में मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर दवा खरीदनी पड़ रही हैं। हर कोई बाहर से दवा नहीं खरीद कर सकता है। इससे गरीब परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।-राधेश्याम
जिला अस्पताल में दिखाने आए थे। यहां कई दवाएं नहीं मिली। इसकी वजह से जन औषधि केंद्र से दवा लेने आए थे। इसमें एक दवा मिली है लेकिन एक अन्य दवा स्टॉक में नहीं है। अब निजी मेडिकल स्टोर से दवा लेनी पड़ेगी। अफसरों को सारी दवा का स्टॉक रखना चाहिए, इससे मरीज को इधर-उधर न भटकना पड़े।-रमा देवी

वर्जन
जिला अस्पताल में डेंगू की दवाओं का स्टॉक कम बचा है। जिला अस्पताल में बढ़ते मरीजों को देखते हुए दवाओं की मांग कर दी गई है। स्टॉक जल्द ही मिल जाएगा। वहीं, अगर जन औषधि केंद्र पर अगर दवाएं नहीं है तो इसकी जानकारी कर दवाओं को जल्द मंगवाया जाएगा। डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल
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