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Etawah News: लूट के मामले में एक को सात साल की सजा
Fri, 17 Nov 2023 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 17 Nov 2023 12:18 AM IST
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इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने लूट के तेरह साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी को सात साल की सजा सुनाई। चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि रोहित दीक्षित ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसके पिता रवींद्र कुमार दीक्षित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक मामन में कैशियर के पद पर काम करते थे। वहीं, गांव का सुशील दीक्षित दैनिकभोगी कर्मचारी है। 13 जनवरी 2013 की शाम को वह बैंक बंद कर जरूरी कागजात लेकर बाइक से पिता सुशील दीक्षित के साथ प्रधान कार्यालय इटावा के लिए निकले थे।
बताया कि जब उनकी बाइक ग्राम भूटा के पास पहुंची। तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। शक होने पर उन्होंने बाइक नहीं रोकी तो बदमाशों ने गोली मार दी। गोली लगने से सुशील व रवींद्र बाइक से गिर पडे़। बदमाशों ने उनके पास से बैग छीन लिया और भागने लगे। इसी बीच सुशील ने अपने मोबाइल से गांव के लोगो को सूचना दे दी। ग्राम के लोगों ने भाग रहे बदमाशों का पीछा करके बदमाशों को धर दबोचा। पकडे़ गए बदमाशों के पास बैग के अलावा तीन तमंचे, खोखा कारतूस बरामद हुए।
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बाद में लोगों ने पकडे़ बदमाशों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने राम वीर निवासी नगला चंद्र के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने राम वीर को दोषी पाया और उसे सात साल की सजा सुनाई।
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विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि रोहित दीक्षित ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसके पिता रवींद्र कुमार दीक्षित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक मामन में कैशियर के पद पर काम करते थे। वहीं, गांव का सुशील दीक्षित दैनिकभोगी कर्मचारी है। 13 जनवरी 2013 की शाम को वह बैंक बंद कर जरूरी कागजात लेकर बाइक से पिता सुशील दीक्षित के साथ प्रधान कार्यालय इटावा के लिए निकले थे।
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बताया कि जब उनकी बाइक ग्राम भूटा के पास पहुंची। तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। शक होने पर उन्होंने बाइक नहीं रोकी तो बदमाशों ने गोली मार दी। गोली लगने से सुशील व रवींद्र बाइक से गिर पडे़। बदमाशों ने उनके पास से बैग छीन लिया और भागने लगे। इसी बीच सुशील ने अपने मोबाइल से गांव के लोगो को सूचना दे दी। ग्राम के लोगों ने भाग रहे बदमाशों का पीछा करके बदमाशों को धर दबोचा। पकडे़ गए बदमाशों के पास बैग के अलावा तीन तमंचे, खोखा कारतूस बरामद हुए।
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बाद में लोगों ने पकडे़ बदमाशों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने राम वीर निवासी नगला चंद्र के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने राम वीर को दोषी पाया और उसे सात साल की सजा सुनाई।