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Etawah News: झोलाछापों पर नहीं कसा जा रहा शिकंजा, एक माह तीन लोगों की जा चुकी जान
Wed, 07 Oct 2026 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:37 AM IST
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फोटो 20: अहेरीपुर में क्लीनिक पर बैठे हुए मरीज। स्रोत विभाग
इटावा। बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों का प्रकोप है। इसका फायदा झोलाछाप उठा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकंजा न कसने से मरीज जान जोखिम में डालकर झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। यही वजह है कि एक माह में तीन मरीजों को जान जा चुकी हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर इन क्लीनिक को बंद करने के आदेश दिए थे। दोबारा चालू मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद झोलाछापों की क्लीनिक धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। विभागीय अफसर इनसे अनजान हैं।
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छापे में दुकान बंद करके भाग गया था संचालक
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 16 सितंबर को क्षेत्र में चल रहे झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया था। स्वास्थ्य विभाग के टीम के आते ही अहेरीपुर में संचालित क्लीनिक को बंद करके भाग गया था। टीम के जाने के बाद फिर से क्लीनिक संचालित होने लगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लीनिक संचालक को इसे बंद करने का नोटिस दिया जा चुका है।
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अधूरे मिले थे कागजात, कार्रवाई को लिखा गया पत्र
डिप्टी सीएमओ व रजिस्ट्रेशन के नोडल अधिकारी डॉ. अमित दीक्षित ने 19 सितंबर को महेवा क्षेत्र के वैष्णवी हेल्थ केयर पर छापा मारा था। यहां मरीज, दवाइयां आदि मिले थे। इस दौरान उन्होंने क्लीनिक संचालक से रजिस्ट्रेशन समेत अन्य पत्र-पत्र मांगे थे, इस दौरान कई कागज अधूरे मिले थे। स्वास्थ्य टीम ने पांच दिन अधूरे कागज दिखाने के आदेश दिए थे। तय सीमा पर कागज न दिखाने पर उनके खिलाफ जिला पंजीकरण प्राधिकरण अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
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झोलाछाप के इलाज से एक माह में इन मरीजों की गई जान-- --
-13 सितंबर को बकेवर थाना क्षेत्र के लुधियानी गांव में भी एक युवक की इलाज के दौरान झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई थी। इसमें परिजन ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी।
-19 सितंबर के भरथना थाना क्षेत्र के ग्राम बिरौधी में 16 वर्षीय किशोरी की झोलाछाप के इंजेक्शन लगाए जाने के मात्र 10 मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था।
-2 अक्तूबर को कस्बा अहेरीपुर में भरसान निवासी 15 वर्षीय किशोर की झोलाछाप डॉक्टर के यहां इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
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झोलाछाप की समय-समय पर जांच कर कार्रवाई की जाती है। अभी हाल में छह झोलाछाप पर कागज व पंजीकरण न मिलने पर जिला पंजीकरण प्राधिकरण अधिकारी के यहां कार्रवाई के लिए पत्रावली भेजी गई थी। अभी तक 40 मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों की जल्द ही सुनवाई कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अमित दीक्षित, जिला पंजीकरण के नोडल अधिकारी
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छापे में दुकान बंद करके भाग गया था संचालक
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 16 सितंबर को क्षेत्र में चल रहे झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया था। स्वास्थ्य विभाग के टीम के आते ही अहेरीपुर में संचालित क्लीनिक को बंद करके भाग गया था। टीम के जाने के बाद फिर से क्लीनिक संचालित होने लगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लीनिक संचालक को इसे बंद करने का नोटिस दिया जा चुका है।
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अधूरे मिले थे कागजात, कार्रवाई को लिखा गया पत्र
डिप्टी सीएमओ व रजिस्ट्रेशन के नोडल अधिकारी डॉ. अमित दीक्षित ने 19 सितंबर को महेवा क्षेत्र के वैष्णवी हेल्थ केयर पर छापा मारा था। यहां मरीज, दवाइयां आदि मिले थे। इस दौरान उन्होंने क्लीनिक संचालक से रजिस्ट्रेशन समेत अन्य पत्र-पत्र मांगे थे, इस दौरान कई कागज अधूरे मिले थे। स्वास्थ्य टीम ने पांच दिन अधूरे कागज दिखाने के आदेश दिए थे। तय सीमा पर कागज न दिखाने पर उनके खिलाफ जिला पंजीकरण प्राधिकरण अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
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झोलाछाप के इलाज से एक माह में इन मरीजों की गई जान
-13 सितंबर को बकेवर थाना क्षेत्र के लुधियानी गांव में भी एक युवक की इलाज के दौरान झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई थी। इसमें परिजन ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी।
-19 सितंबर के भरथना थाना क्षेत्र के ग्राम बिरौधी में 16 वर्षीय किशोरी की झोलाछाप के इंजेक्शन लगाए जाने के मात्र 10 मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था।
-2 अक्तूबर को कस्बा अहेरीपुर में भरसान निवासी 15 वर्षीय किशोर की झोलाछाप डॉक्टर के यहां इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
झोलाछाप की समय-समय पर जांच कर कार्रवाई की जाती है। अभी हाल में छह झोलाछाप पर कागज व पंजीकरण न मिलने पर जिला पंजीकरण प्राधिकरण अधिकारी के यहां कार्रवाई के लिए पत्रावली भेजी गई थी। अभी तक 40 मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों की जल्द ही सुनवाई कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अमित दीक्षित, जिला पंजीकरण के नोडल अधिकारी

फोटो 20: अहेरीपुर में क्लीनिक पर बैठे हुए मरीज। स्रोत विभाग