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कुनैरा नवग्रह मंदिर पर मना जलधारा महोत्सव
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 01 Oct 2015 11:19 PM IST
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कुनैरा स्थित नवग्रह तीर्थ क्षेत्र सहित नगर के तीन जिनालयों में जल धारा
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महोत्सव मनाया गया। कुनैरा में एक साथ मूल नायक प्रतिमा सहित नवग्रह
प्रतिमाओं पर जल धार डाली गई जो आकर्षण का केंद्र रही। नगर में गाजे-बाजे
के साथ जलधारा डाली गयी।
कुनैरा स्थित नवग्रह तीर्थ क्षेत्र पर दोपहर तीन बजे से जल धारा महोत्सव जुलूस के साथ प्रारंभ हुआ। नित्य पाठ पूजन समापन के बाद सायं साढ़े 4 बजे मूल नायक प्रतिमा सहित नवग्रह प्रतिमाओं पर एक साथ दूध, दही, घी, रस एवं जल की धार डाली जो आकर्षण का केंद्र रही। शाम 6 बजे से भगवान की भव्य आरती की गई। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। अतिशय क्षेत्र में तीसरी बार
हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक देखा। वहीं बरही, उदी, करहल, मैनपुरी, जसवंतनगर, इकदिल सहित अन्य क्षेत्रों से जैन साधर्मियों ने वहां पहुंचकर अपने पापों का क्षय किया।
नगर में जलधारा महोत्सव चौगुर्जी जैन मंदिर से प्रारंभ हुआ। यहां गाजे-बाजे के साथ पुजारी गणों ने भगवान पार्श्वनाथ की
प्रतिमा पर जलाभिषेक किया। तत्पश्चात यह जुलूस छिपैटी जैन मंदिर पहुंचा। यहां संगीतमय पूजन के साथ जलाभिषेक प्रारंभ हुआ। यहां पुजारियों ने संयुक्त रूप से जलाभिषेक किया। यहां जुलूस का स्वागत धर्म जैन, सुधीर जैन, राकेश कुमार जैन, समोद कुमार जैन, सुधीर जैन, ललित जैन ने किया।
सरायशेख मंदिर में दिखा गुजरात का रंग
सरायशेख स्थित जैन मंदिर में सची महिला मंडल एवं युवकों ने क्षमावाणी पर्व पर डांडिया एवं गरबा नृत्य का आयोजन किया गया। युवतियों के गरबा नृत्य में गुजरात का रंग दिखाई दिया। सची महिला मंडल की युवतियों एवं महिलाओं ने ‘पंखिड़ा तू
उड़के जाना पावापुरी रे’ ढोल बाजे-ढोल बाजे प्रभु के दर पर वाजे ढोल आदि भजनों पर जमकर गरबा नृत्य किया। गरबा नृत्य से संपूर्ण मंदिर परिसर में गुजरात के नृत्य की झलक दिखाई दी। नीरज जैन, रजत जैन, सोनल जैन, निखिल जैन, लकी जैन, प्रशांत जैन, गीतांशु, विकास जैन सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
कुनैरा स्थित नवग्रह तीर्थ क्षेत्र पर दोपहर तीन बजे से जल धारा महोत्सव जुलूस के साथ प्रारंभ हुआ। नित्य पाठ पूजन समापन के बाद सायं साढ़े 4 बजे मूल नायक प्रतिमा सहित नवग्रह प्रतिमाओं पर एक साथ दूध, दही, घी, रस एवं जल की धार डाली जो आकर्षण का केंद्र रही। शाम 6 बजे से भगवान की भव्य आरती की गई। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। अतिशय क्षेत्र में तीसरी बार
हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक देखा। वहीं बरही, उदी, करहल, मैनपुरी, जसवंतनगर, इकदिल सहित अन्य क्षेत्रों से जैन साधर्मियों ने वहां पहुंचकर अपने पापों का क्षय किया।
नगर में जलधारा महोत्सव चौगुर्जी जैन मंदिर से प्रारंभ हुआ। यहां गाजे-बाजे के साथ पुजारी गणों ने भगवान पार्श्वनाथ की
प्रतिमा पर जलाभिषेक किया। तत्पश्चात यह जुलूस छिपैटी जैन मंदिर पहुंचा। यहां संगीतमय पूजन के साथ जलाभिषेक प्रारंभ हुआ। यहां पुजारियों ने संयुक्त रूप से जलाभिषेक किया। यहां जुलूस का स्वागत धर्म जैन, सुधीर जैन, राकेश कुमार जैन, समोद कुमार जैन, सुधीर जैन, ललित जैन ने किया।
सरायशेख मंदिर में दिखा गुजरात का रंग
सरायशेख स्थित जैन मंदिर में सची महिला मंडल एवं युवकों ने क्षमावाणी पर्व पर डांडिया एवं गरबा नृत्य का आयोजन किया गया। युवतियों के गरबा नृत्य में गुजरात का रंग दिखाई दिया। सची महिला मंडल की युवतियों एवं महिलाओं ने ‘पंखिड़ा तू
उड़के जाना पावापुरी रे’ ढोल बाजे-ढोल बाजे प्रभु के दर पर वाजे ढोल आदि भजनों पर जमकर गरबा नृत्य किया। गरबा नृत्य से संपूर्ण मंदिर परिसर में गुजरात के नृत्य की झलक दिखाई दी। नीरज जैन, रजत जैन, सोनल जैन, निखिल जैन, लकी जैन, प्रशांत जैन, गीतांशु, विकास जैन सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।