इटावा। छह महीने से रुका मानदेय दिलाने, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि मांगों को लेकर सोमवार को आशा कर्मचारी यूनियन ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर राजेश कुमार वर्मा को सौंपा।
किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने कहा कि बेतहाशा महंगाई के बावजूद आशा को महज 2000 रुपये मानदेय मिलता है। छह महीने से उनको मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशा को नियमित मानदेय देने के साथ 45वीं आईएलसी की सिफारिशों के अनुरूप उनका नियमितीकरण किया जाना चाहिए। न्यूनतम वेतन 24000 रुपये और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ भी मिलना जरूरी है। कोविड ड्यूटी के लिए जोखिम भत्ता भी जारी रखा जाए। मुकुट सिंह सीएचसी, पीएचसी पर आशाओं की उपेक्षा पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। आशा कर्मचारी यूनियन की जिलामंत्री संगीता कश्यप ने मांग पत्र को रखा। सर्वेश कुमारी, सुमित्रा देवी, साफिया अकबर, यशोदा, रजनी, सुषमा एवं रेखा ने अपनी बात रखी। जिलाध्यक्ष शकुंतला की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में किसान सभा के पूर्व अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, जिलामंत्री संतोष शाक्य, प्रेमशंकर यादव, मनोज राठौर आदि शामिल रहे।