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फर्जी डॉक्टर तीमारदार को बना रहा शिकार
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सैफई। एक मरीज के तीमारदार से 75 हजार रुपये ठगने वाले कथित डॉक्टर लगातार और लोगों का अपना शिकार बना रहा है। जबकि, पुलिस और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन अभी तक इस कथित डॉक्टर का पता लगा पाने में नाकाम है। इस कथित डॉक्टर के एक और तीमारदार को ठरने का मामला सामने आया है। ठगी के शिकार व्यक्ति ने सैफई थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा के गोकुल नगर मारुति स्टेट बोदला रोड निवासी मोहित लछवानी ने बताया कि उनकी मां वर्षा लछवानी (45) की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। कोरोना पॉजिटिव होने पर इलाज के लिए उन्हें 28 अप्रैल को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया था। उनको ओपीडी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर रखा गया था। उसी दौरान खुद को एटा के नगला दाता थाना राजा का रामपुर निवासी डॉक्टर प्रेम प्रताप चौहान ने मेरे मोबाइल पर फोन करके कहा कि वह पीजीआई में डॉक्टर हैं।
पीजीआई के एक बड़े डॉक्टर से संपर्क कर उनकी मा के लिए ऑक्सीजन, वेंटीलेटर आदि की व्यवस्था करा देंगे। इसके एवज में एक लाख उनके खाते में डाल दें। गुजारिश करने पर मामला 70000 रुपये में सेट हुआ।
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29 अप्रैल को कथित डॉक्टर प्रेम प्रताप चौहान के एसबीआई खाता में आरटीएस के माध्यम से उसके खाते में 70000 ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद से कथित डॉक्टर का फोन स्वीच ऑफ जा रहा है। मोहित के मुताबिक अस्पताल में न तो उसकी मां को वेंटिलेटर मिला और न ही अन्य कोई सुविधा। 30 अप्रैल को उसकी मां की मौत भी हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि मोहित की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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आगरा के गोकुल नगर मारुति स्टेट बोदला रोड निवासी मोहित लछवानी ने बताया कि उनकी मां वर्षा लछवानी (45) की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। कोरोना पॉजिटिव होने पर इलाज के लिए उन्हें 28 अप्रैल को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया था। उनको ओपीडी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर रखा गया था। उसी दौरान खुद को एटा के नगला दाता थाना राजा का रामपुर निवासी डॉक्टर प्रेम प्रताप चौहान ने मेरे मोबाइल पर फोन करके कहा कि वह पीजीआई में डॉक्टर हैं।
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पीजीआई के एक बड़े डॉक्टर से संपर्क कर उनकी मा के लिए ऑक्सीजन, वेंटीलेटर आदि की व्यवस्था करा देंगे। इसके एवज में एक लाख उनके खाते में डाल दें। गुजारिश करने पर मामला 70000 रुपये में सेट हुआ।
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29 अप्रैल को कथित डॉक्टर प्रेम प्रताप चौहान के एसबीआई खाता में आरटीएस के माध्यम से उसके खाते में 70000 ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद से कथित डॉक्टर का फोन स्वीच ऑफ जा रहा है। मोहित के मुताबिक अस्पताल में न तो उसकी मां को वेंटिलेटर मिला और न ही अन्य कोई सुविधा। 30 अप्रैल को उसकी मां की मौत भी हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि मोहित की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।