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मौसम के बदलाव का असर, बुखार, खांसी के मरीज बढ़े
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इटावा। कई दिनों की धूप के बाद मौसम के हालात बिगड़ने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिला। बुधवार को जिला अस्पताल में 1170 मरीज आए। इनमें ज्यादातर वायरल बुखार, खांसी, सांस के रहे। खांसी और जुकाम से पीड़ित बच्चे भी शामिल हैं। इनके अलावा चर्म रोगी भी शामिल रहे।
डा.अजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने करीब एक सौ से ज्यादा मरीज देखे। इनमें वायरल बुखार, सांस, आदि के मरीज आए। कहा लोगों को बदलते मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। धूप निकलने के बावजूद पूरी तरह से गर्म कपड़े न उतारें। अभी सर्दी का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम में उतार चढ़ाव अभी और देखना पड़ सकता है। लिहाजा सावधानी बरतने की जरूरत है।
बाल रोग चिकित्सक डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब 80 बच्चे आए। ज्यादातर बच्चे खांसी और बुखार से पीड़ित रहे। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से बच्चों को बीमार होने से बचाने के लिए लोगों को बहुत सावधानी बरतनी होगी। बच्चों को ठंड न लगे इसके लिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं रखें जिससे की शरीर में गर्माहट बनी रहे।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश चंद्रा ने बताया कि बुधवार को उन्होंने करीब डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज देखे। चर्म रोगियों को सलाह दी है कि वह गुनगुने पानी से तथा उसमें डेटॉल डालकर स्नान करें।
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डा.अजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने करीब एक सौ से ज्यादा मरीज देखे। इनमें वायरल बुखार, सांस, आदि के मरीज आए। कहा लोगों को बदलते मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। धूप निकलने के बावजूद पूरी तरह से गर्म कपड़े न उतारें। अभी सर्दी का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम में उतार चढ़ाव अभी और देखना पड़ सकता है। लिहाजा सावधानी बरतने की जरूरत है।
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बाल रोग चिकित्सक डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब 80 बच्चे आए। ज्यादातर बच्चे खांसी और बुखार से पीड़ित रहे। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से बच्चों को बीमार होने से बचाने के लिए लोगों को बहुत सावधानी बरतनी होगी। बच्चों को ठंड न लगे इसके लिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं रखें जिससे की शरीर में गर्माहट बनी रहे।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश चंद्रा ने बताया कि बुधवार को उन्होंने करीब डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज देखे। चर्म रोगियों को सलाह दी है कि वह गुनगुने पानी से तथा उसमें डेटॉल डालकर स्नान करें।