इटावा। 11 साल पहले पत्नी की गला घोटकर हत्या करने वाले एक बच्चे के पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। खास यह कि अदालत ने उसके इकलौते पुत्र की गवाही को अहम माना, जिसमें उसने बताया था कि पिता ने दुपट्टे से मां का गला घोटा था। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट दो की न्यायाधीश रेनू सिंह ने फैसला सुनाते हुए दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
मामले की रिपोर्ट 7 अप्रैल 2009 को शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। शासकीय अधिवक्ता बलवीर सिंह राजपूत ने बताया कि सरायशेख तिकोनिया मोहल्ला निवासी इकराम हुसैन ने बेटी शाहीन की शादी 1993 में मकसूदपुरा मोहल्ले के बिजली मिस्त्री मुस्तकीम उर्फ छोटे पुत्र मोहसिन के साथ की थी। बाद में उन्हें एक पुत्र हुआ, जिसे लेकर वे दोनों उर्दू मोहल्ला में किराये के मकान में रहते थे। शाहीन सिलाई-कढ़ाई करके कुछ पैसे कमाती थी। इकराम हुसैन का आरोप था कि मुस्तकीम शाहीन के उन पैसों को छीन लेता था और शराब पी जाता था। शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, शाहीन की हत्या के मामले में कोर्ट में उसके पिता, भाई और पांच साल के बेटे की गवाही कराई गई। कोर्ट ने बेटे की गवाही को अहम मानते हुए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर मुस्तकीम को हत्या का दोषी माना और सजा सुनाई।