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डीजल न मिलने से 39 एंबुलेंस का चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूरो। इटावा
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:36 PM IST
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डीजल न मिलने के कारण चकरनगर स्वास्थ्य केंद्र पर खड़ी एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इटावा।
जिले में जनहित में चलाई जा रहीं 39 एंबुलेंस का चक्का जाम है। 102 और 108 एंबुलेंस जहां की तहां खड़ी हैं। एक सप्ताह से गाड़ियों को डीजल ही नहीं मिल रहा है। इससे मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। खासतौर पर महेवा और चकरनगर जैसे ब्लाकों में सबसे ज्यादा दिक्कत है। पारपट्टी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाना पड़ रहा है।
सपा सरकार में नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा 102 एवं 108 संचालित की गई थी। 108 सेवा सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को अस्पताल पहुंचाने एवं आपात स्थिति के लिए होती है। इस सेवा का संचालन लखनऊ से होता है। लेकिन लखनऊ की सर्विस प्रदाता कंपनी को जनवरी से डीजल का भुगतान नहीं हुआ है।
जनवरी से अब तक तो जैसे तैसे गाड़ी खिंचती रही। लेकिन अब सर्विस प्रदाता कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एक सप्ताह से 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन बंद है। जिले में 102 की 26 एवं 108 की 13 कुल 39 एंबुलेंस संचालित हैं। एंबुलेंस सर्विस देख रहे विष्णु यादव ने बताया कि डीजल का भुगतान मिलने पर ही सर्विस सुचारु हो सकेगी।
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निजी वाहनों से आने को मजबूर हैं गर्भवती
चकरनगर। विकास खंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब एक सप्ताह से एंबुलेंस के लिए डीजल नहीं भेजा गया है। इसके कारण बीहड़ क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने में भारी परेशानी हो रही है। सामुदायिक केंद्र पर प्रसव के लिए आई महिला के परिजनों ने बताया एंबुलेंस की सेवा न मिलने से हमें साइकिल से आना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर नगला चौप की आशा बहू ने बताया कि एंबुलेंस को फोन किया लेकिन सेवा न मिलने से महिला को टेंपो से लेकर आए। इस मामले में सीएमओ डा. राजीव यादव ने बताया एंबुलेंस के लिए डीजल न होने की समस्या पूरे यूपी में चल रही है। वे इस बारे में मुख्यालय से बात कर रहे हैं। डीजल का भुगतान लखनऊ स्तर से ही होना है।
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जिले में जनहित में चलाई जा रहीं 39 एंबुलेंस का चक्का जाम है। 102 और 108 एंबुलेंस जहां की तहां खड़ी हैं। एक सप्ताह से गाड़ियों को डीजल ही नहीं मिल रहा है। इससे मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। खासतौर पर महेवा और चकरनगर जैसे ब्लाकों में सबसे ज्यादा दिक्कत है। पारपट्टी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाना पड़ रहा है।
सपा सरकार में नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा 102 एवं 108 संचालित की गई थी। 108 सेवा सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को अस्पताल पहुंचाने एवं आपात स्थिति के लिए होती है। इस सेवा का संचालन लखनऊ से होता है। लेकिन लखनऊ की सर्विस प्रदाता कंपनी को जनवरी से डीजल का भुगतान नहीं हुआ है।
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जनवरी से अब तक तो जैसे तैसे गाड़ी खिंचती रही। लेकिन अब सर्विस प्रदाता कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एक सप्ताह से 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन बंद है। जिले में 102 की 26 एवं 108 की 13 कुल 39 एंबुलेंस संचालित हैं। एंबुलेंस सर्विस देख रहे विष्णु यादव ने बताया कि डीजल का भुगतान मिलने पर ही सर्विस सुचारु हो सकेगी।
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निजी वाहनों से आने को मजबूर हैं गर्भवती
चकरनगर। विकास खंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब एक सप्ताह से एंबुलेंस के लिए डीजल नहीं भेजा गया है। इसके कारण बीहड़ क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने में भारी परेशानी हो रही है। सामुदायिक केंद्र पर प्रसव के लिए आई महिला के परिजनों ने बताया एंबुलेंस की सेवा न मिलने से हमें साइकिल से आना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर नगला चौप की आशा बहू ने बताया कि एंबुलेंस को फोन किया लेकिन सेवा न मिलने से महिला को टेंपो से लेकर आए। इस मामले में सीएमओ डा. राजीव यादव ने बताया एंबुलेंस के लिए डीजल न होने की समस्या पूरे यूपी में चल रही है। वे इस बारे में मुख्यालय से बात कर रहे हैं। डीजल का भुगतान लखनऊ स्तर से ही होना है।