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Etawah News: सपनों को लगा झटका, बच्चों और घर चलाने की चिंता

Tue, 28 Mar 2023 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Tue, 28 Mar 2023 12:41 AM IST
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crop effected due to rain farmer annoyed
कड़ाके की ठंड हो, तपती गर्मी हो या झमाझम बारिश, किसान हर परिस्थिति में अपनी फसल को बचाकर रखता है। रात-रात भर जागकर मवेशियों से सुरक्षा करके किसान फसल तैयार कर पाता है। लहलहाती फसलों को देखकर किसान खुश हो ही पाता है कि उसे नजर लग जाती है और मौसम की मार से सारी खुशियां खत्म हो जाती हैं। पस्त किसान सिर्फ मुआवजे की आस में बने रहते हैं। किसानों का दर्द बताती जसवंतनगर के गांव कोकावली और सिसहाट की ग्राउंड रिपोर्ट।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। पिछले सप्ताह हुई बारिश और ओलावृष्टि से तहसील क्षेत्र के भी कई गांवों में किसानों की गेहूं की फसल चौपट हो गई। कई किसानों की कटी पड़ी सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। वह अब मुआवजे की आस में बैठे हैं।
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मार्च में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के सपनों को बहा दिया है। मेहनत से तैयार की गई गेहूं की फसल बारिश के साथ तेज हवाओं में बिछ गई। ऐसे में गेहूं का दाना अब पनप नहीं सकेगा। मौसम की मार से बेबस किसान अपनी फसल को बचा नहीं सके। इससे जहां उन्हें अफसोस हैं। वहीं परिवार के पालन पोषण, बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी निभाने की चिंता सता रही है।
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बेटी के ब्याह की सता रही चिंता
कोकावली के अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने छह बीघा में गेहूं की फसल की थी। खेती-किसानी करके ही वह परिवार का पालन पोषण करते हैं। छह बीघा में इस बार गेहूं किया था। अगले साल बेटी का ब्याह करना था। फसल अब तैयार होने को थी तो बेटी की शादी अच्छे से करने की सोच रहे थे, लेकिन मौसम की मार से सपने को झटका लग गया।


बच्चे का दाखिला अच्छे स्कूल में कैसे होगा
कोकावली के ही देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 22 बीघा में गेहूं की फसल की थी। इस बार सोचा था कि बच्चे का अच्छे स्कूल में दाखिला कराऊंगा, लेकिन तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश ने 30 प्रतिशत तक फसल गिरा दी। अब फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। मुआवजा मिले तो कुछ राहत मिल सकेगी।


उधार चुकाना होगा मुश्किल
सिसहाट के राकेश ने बताया कि उन्होंने 25 बीघा में गेहूं तो चार बीघा में सरसों की फसल की थी। सरसों की फसल लगभग काट चुके थे, गेहूं की फसल का दाना बढ़ रहा था। बेमौसम बारिश ने गेहूं का दाना काला और कमजोर कर दिया है। कुछ साथियों से उधार लेकर भी लगाया था। अब उसे निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।


फसल सही रहती तो करा लेते घर की मरम्मत
सिसहाट के श्रीकृष्ण का कहना है कि उन्होंने पांच बीघा में सरसों और 15 बीघा में गेहूं की फसल की थी। बेमौसम बारिश में सरसों को कुछ खास नुकसान नहीं हुआ, लेकिन गेहूं की लगभग 35 प्रतिशत फसल बिछ गई है। ऐसे में अब घर की मरम्मत कराने का सपना इस साल भी पूरा नहीं हो सकेगा।


सर्वे के लिए नहीं आई टीम
कोकावली की ग्राम प्रधान नीलम राजपूत ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से बड़ी संख्या में किसानों की गेहूं की फसल गिर गई है। वहीं खेतों में कटी रखी सरसों की फसल भी भीग गई है। अभी राजस्व या बीमा टीम किसी ने भी गांव में सर्वे नहीं किया है।


बारिश और ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान, मुआवजा मिले
ग्राम पंचायत सिसहाट की प्रधान ज्ञान देवी ने बताया कि पिछले सप्ताह हुई बारिश और ओलावृष्टि से गांव के कई किसानों को नुकसान हुआ है। ओले ने सरसों तो तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने गेहूं को नुकसान पहुंचाया है। सरकार को सभी को मुआवजा देना चाहिए।

सर्वे कर रहे लेखपाल, जल्द दिया जाएगा मुआवजा
एसडीएम कौशल कुमार ने बताया जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ था। उन्होंने पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


समय पर सूचना देने वालों का करा रहे सर्वे
बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक प्रशांत शर्मा ने बताया कि कंपनी के नियमानुसार बीमा कराने वाले किसान को नुकसान की सूचना 72 घंटे में देने का प्रावधान है। जिन किसानों ने समय सीमा में जानकारी दे दी थी। उन सभी का सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही मुआवजा दिया जाएगा।
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