अपराध में लिप्त पाए जाने पर छह सिपाही बर्खास्त
इटावा। अपराध में संलिप्त पाए जाने पर जिले के छह सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इसमें चार सिपाही जेल में हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मची है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि सिपाहियों को चेतावनी दी गई है। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी वैभव कृष्ण ने कुछ दिन पहले सिपाहियों एवं पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी थी। सचेत किया था कि गोपनीय तरीके से सभी के चाल चरित्र की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी कार्यप्रणाली में सुधार करें। पिछले दिनों जसवंतनगर थाने में तैनात सिपाही जितेंद्र सिंह पर एक नाबालिग लड़की से दुराचार करने का आरोप लगा। इस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। अभी भी जितेंद्र जेल में ही है। उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
इसी तरह सिपाही अमित कुमार 13 फरवरी से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहा है। इसे अनुशासनहीनता का मामला मानते हुए उसे बर्खास्त किया गया है। क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सिपाही वरुण यादव पर पुलिस आपरेशन लीक करने का आरोप था। वह अपहरण के आरोपी नीलेश यादव की गिरफ्तारी वाली टीम में शामिल था। टीम ने छापेमारी की रणनीति बनाई, जो लीक हो गई। इससे आरोपी भाग निकला था। ऐसे में वरुण के अपराधियों से संबंध रहने के आरोप में बर्खास्त किया गया है। सहसों थाने में तैनात रहे सिपाही संजीव ढाका अवैध खनन व ओवर लोड ट्रकों से वसूली करते हुए पकड़ा गया था। उसके पास से दो लाख 66 हजार रुपया बरामद हुआ था। भरथना थाने में तैनात सिपाही लक्ष्मी कांत व थाना सैंफई में तैनात सिपाही शोभित कुमार की ड्यूटी उदी चेक पोस्ट पर लगाई गई थी। इन दोनों भी अवैध वसूली करते एसएसपी ने खुद पकड़ा था। लक्ष्मी कांत व शोभित कुमार के पास से 40 हजार 580 रुपया भी मिला था। ये तीनों अवैध वसूली में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थए। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बर्खास्त किए गए सभी सिपाहियों का चरित्र खराब मिला। इनके अपराधियों एवं खनन माफियाओं से संबंध होने के सबूत मिले थे। इस वजह से इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुछ अन्य को भी चिन्हित किया गया है। उन पर निगाह रखी जा रही है। कार्यप्रणाली में सुधार न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाी की जाएगी।