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जान के दुश्मन बने हैं बुराई के ठेकेदार: कुलपति
Tue, 05 Feb 2019 11:43 PM IST
प्रतीक दुबे
अमर उजाला, इटावा
अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Tue, 05 Feb 2019 11:43 PM IST
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pr. rajkumar
- फोटो : amar ujala
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उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति प्रो. राजकुमार ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने दुश्मन का नाम व फोन नंबर नहीं लिखा है। उनका कहना है कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि कुछ विरोधी उनकी हत्या करने की साजिश कर रहे हैं। वे पहले भी ऐसा काम कर चुके हैं। क्योंकि उन्होंने कॉलेज में बेहतर काम किया है। लोगों की राजनीति व ठेकेदारी पर पाबंदी लगा दी है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की पुलिस से मांग भी की है।
सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में प्रो. राजकुमार ने एक वर्ष पूर्व चार्ज लिया था। वीसी का कहना है उन्होंने जब चार्ज संभाला है तो पाया कि यूनीवर्सिटी में कुछ लोगों का एक छत्र राज्य चल रहा है। ठेकों के साथ-साथ शिक्षण कार्य भी माफियाओं का बोलबाला था। इसको लेकर मैने बदलाव की प्रक्रिया अपनाई। नियम से कार्य शुरू कराए। कुछ लोगों के गलत तरीके से चल रहे ठेके भी समाप्त कराए। उन्होंने एमबीबीएस के शिक्षकों के साथ कॉलेज में मेस चलाने वालों की ठेकेदारी पर शिकंजा कसा था। यूनीवर्सिटी का वातावरण साफ सुथरा होने लगा और यहां कालेज में पढ़ाई का माहौल बनना शुरू हुआ। जिसे देखकर माफियाओं और अराजक तत्वों ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। हालांकि उनके पास अभी तक कोई भी धमकी फोन नहीं आया है।
उनके विश्वनीय लोगों ने बताया कि कुछ लोग मिलकर उनकी हत्या करना चाहते हैं। इसकी जानकारी दो माह पहले मीडिया को दी थी। लेकिन एक बार फिर कॉलेज के विश्वसनीय लोगों ने दोबारा से बताया कि कुछ लोग आपकी हत्या करना चाहते हैं। तब जाकर उन्होंने कुलसचिव प्रो. पीके जैन द्वारा थाने में तहरीर भिजवा दी है। उन्होंने बताया कि इस समय सुरक्षा के नाम पर उनके एक ही गार्ड है। जानमाल की धमकी के मामले को देखते हुए उन्होंने शासन प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है। वीसी राजकुमार ने बताया कि कुछ लोग तो उनको हटाने के लिये करोड़ों रुपये देना चाहते हैं। इस संबंध में एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुलसचिव प्रो. पीके जैन की ओर से थाने में जानमाल की धमकी की तहरीर दी गई है। पूरे मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।
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सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में प्रो. राजकुमार ने एक वर्ष पूर्व चार्ज लिया था। वीसी का कहना है उन्होंने जब चार्ज संभाला है तो पाया कि यूनीवर्सिटी में कुछ लोगों का एक छत्र राज्य चल रहा है। ठेकों के साथ-साथ शिक्षण कार्य भी माफियाओं का बोलबाला था। इसको लेकर मैने बदलाव की प्रक्रिया अपनाई। नियम से कार्य शुरू कराए। कुछ लोगों के गलत तरीके से चल रहे ठेके भी समाप्त कराए। उन्होंने एमबीबीएस के शिक्षकों के साथ कॉलेज में मेस चलाने वालों की ठेकेदारी पर शिकंजा कसा था। यूनीवर्सिटी का वातावरण साफ सुथरा होने लगा और यहां कालेज में पढ़ाई का माहौल बनना शुरू हुआ। जिसे देखकर माफियाओं और अराजक तत्वों ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। हालांकि उनके पास अभी तक कोई भी धमकी फोन नहीं आया है।
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उनके विश्वनीय लोगों ने बताया कि कुछ लोग मिलकर उनकी हत्या करना चाहते हैं। इसकी जानकारी दो माह पहले मीडिया को दी थी। लेकिन एक बार फिर कॉलेज के विश्वसनीय लोगों ने दोबारा से बताया कि कुछ लोग आपकी हत्या करना चाहते हैं। तब जाकर उन्होंने कुलसचिव प्रो. पीके जैन द्वारा थाने में तहरीर भिजवा दी है। उन्होंने बताया कि इस समय सुरक्षा के नाम पर उनके एक ही गार्ड है। जानमाल की धमकी के मामले को देखते हुए उन्होंने शासन प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है। वीसी राजकुमार ने बताया कि कुछ लोग तो उनको हटाने के लिये करोड़ों रुपये देना चाहते हैं। इस संबंध में एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुलसचिव प्रो. पीके जैन की ओर से थाने में जानमाल की धमकी की तहरीर दी गई है। पूरे मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।
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