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पहलवान की हत्या के बारे में पुलिस को नहीं लगा ठोस सबूत
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:14 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के गौरापुरा गांव स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सेवादार आसाराम यादव की हत्या के मामले में पुलिस गहनता के साथ छानबीन कर रही है। पुलिस ने पुजारी के अलावा दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुजारी ने जो बात बताई थी उससेे पुलिस को संदेह पैदा हो गया था। पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है। पुलिस को भरोसा है कि मामले का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा। अभी तक की छानबीन में हत्या के कारणों के पीछे मंदिर की जमीन को बताया जा रहा है।
गौरापुरा गांव स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में रहने वाला सेवादार आशाराम यादव निवासी नखासा के अलावा पुजारी फागुन गिरी गुरुवार रात को मंदिर पर थे। वह खाना बना रहे थे। तभी छह-सात लोग मंदिर में घुस आए और उन्होंने पुजारी के साथ मारपीट की। उन्हें बचाने के लिए सेवादार लोगों से भिड़ गया तो बदमाशों उसे पकड़ कर अमरूद की बगिया में ले गए। उसकी सिर कुचलकर हत्या कर दी। इसी बीच पुजारी वहां से भाग निकला। पुजारी के अनुसार वह भाग कर प्रधान के घर पर पहुंचा और प्रधान को मारपीट की जानकारी दी। लेकिन पुजारी व अन्य किसी ने पुलिस को फोन नहीं किया। रात भर आशाराम का शव वहां पर पड़ा रहा। शुक्रवार सुबह गांव के लोग पुजारी के साथ मंदिर पहुंचे तब लोगों को जानकारी हुई। लोगों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। मृतक के भाई अरविंद यादव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ में पुलिस को हत्या के बारे में अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने शनिवार को पुजारी से भी पूछताछ की। सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मामला मंदिर से जुड़ी जमीन पर कब्जे को लेकर है। उन्होंने बताया कि दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
- पहलवान की हत्या में पुलिस के हाथ नहीं लगा ठोस सबूत
- गौरापुरा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सेवादार की हत्या का मामला
- पुजारी के बयान संदेहास्पद होने पर पुलिस कर रही उससे पूछताछ
- अभी तक की छानबीन में मामला जमीन से जुड़ा पाया गया
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इटावा।
फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के गौरापुरा गांव स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सेवादार आसाराम यादव की हत्या के मामले में पुलिस गहनता के साथ छानबीन कर रही है। पुलिस ने पुजारी के अलावा दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुजारी ने जो बात बताई थी उससेे पुलिस को संदेह पैदा हो गया था। पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है। पुलिस को भरोसा है कि मामले का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा। अभी तक की छानबीन में हत्या के कारणों के पीछे मंदिर की जमीन को बताया जा रहा है।
गौरापुरा गांव स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में रहने वाला सेवादार आशाराम यादव निवासी नखासा के अलावा पुजारी फागुन गिरी गुरुवार रात को मंदिर पर थे। वह खाना बना रहे थे। तभी छह-सात लोग मंदिर में घुस आए और उन्होंने पुजारी के साथ मारपीट की। उन्हें बचाने के लिए सेवादार लोगों से भिड़ गया तो बदमाशों उसे पकड़ कर अमरूद की बगिया में ले गए। उसकी सिर कुचलकर हत्या कर दी। इसी बीच पुजारी वहां से भाग निकला। पुजारी के अनुसार वह भाग कर प्रधान के घर पर पहुंचा और प्रधान को मारपीट की जानकारी दी। लेकिन पुजारी व अन्य किसी ने पुलिस को फोन नहीं किया। रात भर आशाराम का शव वहां पर पड़ा रहा। शुक्रवार सुबह गांव के लोग पुजारी के साथ मंदिर पहुंचे तब लोगों को जानकारी हुई। लोगों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। मृतक के भाई अरविंद यादव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ में पुलिस को हत्या के बारे में अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने शनिवार को पुजारी से भी पूछताछ की। सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मामला मंदिर से जुड़ी जमीन पर कब्जे को लेकर है। उन्होंने बताया कि दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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- पहलवान की हत्या में पुलिस के हाथ नहीं लगा ठोस सबूत
- गौरापुरा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सेवादार की हत्या का मामला
- पुजारी के बयान संदेहास्पद होने पर पुलिस कर रही उससे पूछताछ
- अभी तक की छानबीन में मामला जमीन से जुड़ा पाया गया