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इटावाः पूर्व दस्यु सुंदरी सरला जाटव जमानत पर रिहा
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निर्भय गुर्जर के साथ सरला जाटव। (फाइल फोटो) संवाद
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। निर्भय गुर्जर के दत्तक पुत्र श्याम जाटव की पत्नी और पूर्व दस्यु सुंदरी सरला जाटव हाईकोर्ट से जमानत के बाद शुक्रवार शाम जेल से रिहा हो गई। वह 2005 से इटावा जेल में बंद थी। 17 साल बाद वह जेल से बाहर आई है। वहीं, श्याम जाटव अभी भी जेल में बंद है।
सरला जाटव पर हत्या, अपहरण, डकैती जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे। मुठभेड़ के बाद इटावा पुलिस ने उसे 2005 में गिरफ्तार किया था। बाद में इटावा कोर्ट से उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तभी से सरला जेल में थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में सरला की ओर से अपील की गई। इस पर कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर करते हुए रिहाई के आदेश दे दिए। शुक्रवार को आदेश इटावा जिला जेल पहुंचा तो शाम को रिहाई कर दी गई। जेल से रिहा होने पर परिजन सरला को लेने जेल पहुंचे, जिनके साथ वह घर चली गई। बताते हैं कि कुख्यात डाकू निर्भय गुर्जर ने श्याम जाटव का दिल्ली से अपहरण किया था और बाद में उसे अपना दत्तक पुत्र बना लिया था। निर्भय गुर्जर ने श्याम की शादी जनपद औरेया के अयानशाह थानाक्षेत्र के गंगादासपुरा गांव निवासी सरला जाटव से कराई थी।
शादी के बाद सरला जाटव भी निर्भय गुर्जर के गिरोह की सक्रिय सदस्य बन गई थी। श्याम और सरला निर्भय गुर्जर के सबसे वफादार थे और गिरोह को भी वहीं चलाते रहे। गिरोह का सदस्य रहते हुए सरला जाटव ने सहसो थानाक्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला बोला था। इस दौरान गांव का एक राशन डीलर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सरला ने सहसो गांव से ही एक साथ छह किसानों का सामूहिक अपहरण कर लिया था। इसके बाद वह पुलिस की नजर में आई थी।
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सरला जाटव पर हत्या, अपहरण, डकैती जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे। मुठभेड़ के बाद इटावा पुलिस ने उसे 2005 में गिरफ्तार किया था। बाद में इटावा कोर्ट से उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तभी से सरला जेल में थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में सरला की ओर से अपील की गई। इस पर कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर करते हुए रिहाई के आदेश दे दिए। शुक्रवार को आदेश इटावा जिला जेल पहुंचा तो शाम को रिहाई कर दी गई। जेल से रिहा होने पर परिजन सरला को लेने जेल पहुंचे, जिनके साथ वह घर चली गई। बताते हैं कि कुख्यात डाकू निर्भय गुर्जर ने श्याम जाटव का दिल्ली से अपहरण किया था और बाद में उसे अपना दत्तक पुत्र बना लिया था। निर्भय गुर्जर ने श्याम की शादी जनपद औरेया के अयानशाह थानाक्षेत्र के गंगादासपुरा गांव निवासी सरला जाटव से कराई थी।
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शादी के बाद सरला जाटव भी निर्भय गुर्जर के गिरोह की सक्रिय सदस्य बन गई थी। श्याम और सरला निर्भय गुर्जर के सबसे वफादार थे और गिरोह को भी वहीं चलाते रहे। गिरोह का सदस्य रहते हुए सरला जाटव ने सहसो थानाक्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला बोला था। इस दौरान गांव का एक राशन डीलर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सरला ने सहसो गांव से ही एक साथ छह किसानों का सामूहिक अपहरण कर लिया था। इसके बाद वह पुलिस की नजर में आई थी।

अपने परिजन के साथ जेल के बाहर सरला जाटव। संवाद- फोटो : ETAWAH
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