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नदी में डूबने से सींचपाल पर्यवेक्षक की मौत
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ताखा(इटावा)। क्षेत्र के मामन हिम्मतपुर में श्रीमद् भागवत कथा के भंडारे में शामिल होने जा रहे तीन लोग पुराह नदी पार करते समय गहरे गड्ढे में चल गए। इससे पानी में डूबने से औरैया में राजस्व विभाग के सींचपाल पर्यवेक्षक पदम सिंह यादव (55) की मौत हो गई। दो लोगों ने किसी तरह नदी के बाहर आकर अपनी जान बचाई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए नदी से अवैध तरीके से मिट्टी का खनन किया गया है। इसकी वजह से नदी में गहरा गड्ढा हो गया। ताखा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा सोमवार की शाम हुआ।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के सुतियानी अड्डा निवासी पदम सिंह यादव सोमवार शाम को गांव के ही दो साथियों नीतेश कुमार व सुमित कुमार के साथ पास स्थित मामन हिम्मतपुर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के भंडारे में जा रहे थे। यहां से मामन हिम्मतपुर गांव पहुंचने के लिए पराह नदी पार करनी पड़ती है। पदम सिंह व उसके साथी नदी में पानी कम देख पैदल ही उसे पार करने लगे। नदी पार करते समय तीनों गहरे गड्ढे में चले गए। नीतेश व सुमित तैरना जानते थे। इसलिए वह दोनों की किसी तरह तैर कर नदी से बाहर आ गए।
इससे उन दोनों की जान बच गई, लेकिन पदम सिंह पानी में डूब गया। नीतेश व सुमित के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन लोगों ने किसी तरह पदम को नदी से बाहर निकाला। तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पदम सिंह के बेटे रिंकू यादव ने बताया ताखा क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है। गड्ढों में पानी भरने की वजह से वह नजर नहीं आते हैं और लोग नदी पार करते समय हादसे का शिकार हो जा रहे हैं। थानाध्यक्ष का कहना है कि हादसे के बारे में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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ऊसराहार थाना क्षेत्र के सुतियानी अड्डा निवासी पदम सिंह यादव सोमवार शाम को गांव के ही दो साथियों नीतेश कुमार व सुमित कुमार के साथ पास स्थित मामन हिम्मतपुर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के भंडारे में जा रहे थे। यहां से मामन हिम्मतपुर गांव पहुंचने के लिए पराह नदी पार करनी पड़ती है। पदम सिंह व उसके साथी नदी में पानी कम देख पैदल ही उसे पार करने लगे। नदी पार करते समय तीनों गहरे गड्ढे में चले गए। नीतेश व सुमित तैरना जानते थे। इसलिए वह दोनों की किसी तरह तैर कर नदी से बाहर आ गए।
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इससे उन दोनों की जान बच गई, लेकिन पदम सिंह पानी में डूब गया। नीतेश व सुमित के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन लोगों ने किसी तरह पदम को नदी से बाहर निकाला। तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पदम सिंह के बेटे रिंकू यादव ने बताया ताखा क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है। गड्ढों में पानी भरने की वजह से वह नजर नहीं आते हैं और लोग नदी पार करते समय हादसे का शिकार हो जा रहे हैं। थानाध्यक्ष का कहना है कि हादसे के बारे में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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