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सड़कों पर नहीं खड़े होंगे हाथठेले

Sat, 13 Sep 2014 05:31 AM IST
Etawah
Etawah Updated Sat, 13 Sep 2014 05:31 AM IST
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इटावा। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहर की सूरत बदलने के लिए नगर पालिका ने खाका तैयार कर लिया है। योजना के तहत सड़कों को हाथठेलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए शहर में एक दर्जन से अधिक स्थानाें पर हॉकर्स जोन विकसित किए जा रहे हैं। पालिका क्षेत्र में जगह की उपलब्धता को देखते हुए यह संख्या घट बढ़ भी सकती है। पालिका द्वारा कराए गए सर्वे में 250 हाथठेलों को चिह्नित किया गया है, लेकिन हॉकर्स जोन का विकास पांच सौ की संख्या को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। विकसित किए जाने वाले हॉकर्स जोन में पालिका की ओर से सभी सुविधाएं डेवलप की जाएंगी। सड़कों से हथठेलों के हटने से पब्लिक को जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी, क्योंकि मौजूदा समय में सड़कों को घेरकर खड़े होने वाले हथठेला जाम का मुख्य कारण हैं।
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शहर की सड़कों के दोनों ओर हाथठेला और फड़ों के चलते निकलना मुश्किल हो रहा है। शहर के कई मार्ग तो ऐसे है जहां अतिक्रमण के कारण दिन में कई बार जाम लग जाता है। जाम की समस्या से निजात के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत योजना तैयार की गई है। पालिका की सीमा में एक दर्जन हॉकर्स जोन विकसित करने का निर्णय लिया गया है। योजना को मूर्तरूप देने के लिए पालिका की ओर से सर्वे का कार्यपूरा कर लिया गया है। 250 हाथठेला वालों को चिह्नित किया गया है, लेकिन पालिका का मानना है कि यह संख्या 500 तक पहुंच सकती है। इसी संख्या को ध्यान में रखकर हॉकर्स जोन विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक हाथठेला और फड़ कारोबारियों को हॉकर्स जोन में कम से कम 50 वर्ग फीट जगह दी जानी है। हॉकर्स जोन में दुकानदारों के लिए टीनशेड का निर्माण कराया जाएगा।
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इसके अलावा शौचालय, और पेयजल की भी व्यवस्था की जाएगी। वहां पर कूड़ा घर का भी निर्माण कराया जाएगा। हॉकर्स जोन में बिजली की भी व्यवस्था की जाएगी। आने-जाने का रास्ता भी बनाया जाएगा। प्रत्येक हॉकर्स जोन की एक यूनियन भी होगी, जिससे समस्या का समाधान किया जा सकेगा। पालिका के द्वारा हॉकर्स जोन में जाने वाले हाथठेला वालों को लाइसेंस और पहचान पत्र भी दिए जाएंगे। पालिका द्वारा उनसे किराया भी वसूल किया जाएगा। हॉकर्स जोन को विकसित करने में जो भी खर्चा आएगा उसका 75 फीसदी केंद्रीय और 25 फीसदी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शहर में हॉकर्स जोन को विकसित करने के लिए सबसे बड़ी बाधा स्थान को लेकर है। पालिका द्वारा ऐसे स्थानों का चयन करना होगा जो सड़क और बाजार से दूर हो। क्याेंकि यदि ऐसे स्थानों में हॉकर्स जोन विकसित कर दिए गए जहां पर हाथठेला वाले और फड़य कारोबारी जाने के लिए तैयार ही नहीं हुए तो पूरी योजना ही चौपट हो जाएगी। हॉकर्स जोन विकसित करने के लिए ऐसे स्थानों को चुनने पर जोर दिया जा रहा है जहां पर हाथठेला वाले और फड़ कारोबारी आसानी से जाने को तैयार हो जाए। पालिका की समस्या यह है कि सड़क और बाजारों के पास जहां पर नगर पालिका की जगह पड़ी हुई है वहां पर पहले से ही अतिक्रमण है। जहां पर जगह उपलब्ध है वहां पर हॉकर्स आसानी से जाने को तैयार नहीं होंगे। पालिका द्वारा जगह का चयन करने में माथापच्ची की जा रही है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के अंत तक जगह की व्यवस्था कर ली जाएगी।
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हॉकर्स को मिलेंगे क्रेडिट कार्ड
हॉकर्स को सामान्य बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। शासन का प्रयास होगा कि प्रत्येक हॉक र को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि जरूरत पर उन्हें धन उपलब्ध हो सके। इसके अलावा उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा के लाभ भी दिलाएं जाएंगे।

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राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत पालिका क्षेत्र में हॉकर्स जोन विकसित करने क ी योजना तैयार की गई है। पालिका 250 हाथठेला वालों का सर्वे कर चुकी है, लेकिन हॉकर्स जोन का विकास पांच सौ की संख्या को लेकर किया जा रहा है। हॉकर्स जोन में प्लेटफार्म, जलापूर्ति, बिजली, पार्किग की सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी। स्थानों के चयन पर विचार किया जा रहा है। ऐसे स्थानों को चुनने में वरीयता दी जा रही है, जहां पर हॉकर्स आसानी से जाने को तैयार हो जाएं। -जनार्दन राय, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका इटावा
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