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Etawah News: 44 हजार किसान तीन अरब के कर्जदार

Fri, 23 Feb 2024 01:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:36 AM IST
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44 thousand farmers are debtors of three billion rupees
इटावा। मौसम की मार से अन्नदाता उबर नहीं पा रहे हैं। रबी हो या खरीफ सीजन, अच्छी पैदावार की आस में जिले के 43,831 किसान नौ माह में तीन अरब 15 करोड़ 34 लाख रुपये के कर्जदार हो गए हैं। रबी की तैयार फसल भी तेज हवा, ओलावृष्टि और बारिश से चौपट होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम नहीं सुधरा तो बड़ा नुकसान हो जाएगा और कर्ज भी अदा नहीं कर पाएंगे।
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किसानों को सशक्त करने के लिए सरकार की ओर से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ भी किसानों को राहत नहीं दे रहा है। किसान कर्ज तले दबे जा रहे हैं। जिले में एक अप्रैल 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक लगभग नौ माह में 43,831 किसानों ने केसीसी से करीब तीन अरब 15 करोड़ 34 लाख 45 हजार रुपये का कर्ज लिया है। वहीं, इससे पहले जिले के 72,843 किसान एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक करीब चार अरब 92 करोड़ सात लाख दो हजार रुपये का कर्ज ले चुके थे।
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इनमें से अधिकांश किसान कभी भीषण गर्मी तो कभी ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने के कारण कर्ज नहीं चुका सके। ऐसे में उन्हें चिंता सता रही है। मंगलवार देर रात हुई बारिश और ओलावृष्टि से बसरेहर, ताखा और सैफई ब्लाक में करीब 15 प्रतिशत गेहूं और सरसों की फसल खराब होने की आशंका है। गुरुवार को भी सुबह से ही तेज हवा और बूंदाबांदी होने से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
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किसान बोले- फसलें बर्बाद होने से कर्ज चुकाना हो रहा मुश्किल

मानपुरा भरथना के निवासी जितेंद्र ने बताया कि 2023 में ही उन्होंने केसीसी से तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। गेहूं और सरसों की फसल अच्छी होने पर कर्ज जल्दी चुकाने की सोची थी, लेकिन मंगलवार रात मौसम खराब होने से फसल प्रभावित हुई है। यदि ऐसा ही मौसम रहा तो बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में कर्ज चुकाना मुश्किल हो जएगा।
नगला लछी निवासी मुलायम सिंह ने बताया कि उन्होंने 2017 में केसीसी से करीब दो लाख रुपये लिए थे। अच्छी फसल की आस में हर बार फसल बोते हैं, लेकिन मौसम की मार की वजह से फसल की लागत ही निकल पाती है। मजबूरी में घर और फसल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज तो ले लेते हैं लेकिन इसे समय रहते चुका नहीं पाते हैं।



मौसम की वजह से जिन किसानों का नुकसान होता है। उन्हें मुआवजा दिलवाने का प्रयास रहता है। गोष्ठियां करके किसानों को फसल बचाने के तरीके भी बताए जाते हैं।

- आरएन सिंह, उप निदेशक कृषि
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