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Etawah News: युवक की पीटकर हत्या करने में दो को उम्रकैद
Thu, 11 May 2023 12:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 11 May 2023 12:55 AM IST
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इटावा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कुमार प्रशांत ने छह साल पुराने युवक की पीटकर हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 41-41 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि सहसों थाना क्षेत्र के गांव मिटहाटी निवासी रचना कुमारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 27 सितंबर 2017 की शाम करीब चार बजे उसका भाई पंकज घर के बाहर बैठा था। तभी गांव के ही सत्य प्रकाश तिवारी, कृपाराम तिवारी, उमाशंकर तिवारी, बृजेश तिवारी, सुशील तिवारी, सौरभ तिवारी व रजनीश तिवारी वहां पहुंचे और उसे गाली देने लगे। मना करने पर उक्त लोगों ने उसे बुरी तरह पीट दिया। वह और मां उसे बचाने गए तो उनके साथ भी मारपीट की।
पंकज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मारपीट में प्रयोग की गईं लाठियों को बरामद कर लिया। विवेचना के बाद उक्त लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए गए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने बृजेश तिवारी व उमाशंकर तिवारी को हत्या व एससी-एसटी एक्ट में दोषी पाया।
दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुवाई। इसके अलावा कोर्ट ने अन्य आरोपियों को हत्या के आरोप से संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि मारपीट व एससी-एसटी एक्ट का दोषी पाया। उन्हें दो-दो साल की सजा सुनाकर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि सहसों थाना क्षेत्र के गांव मिटहाटी निवासी रचना कुमारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 27 सितंबर 2017 की शाम करीब चार बजे उसका भाई पंकज घर के बाहर बैठा था। तभी गांव के ही सत्य प्रकाश तिवारी, कृपाराम तिवारी, उमाशंकर तिवारी, बृजेश तिवारी, सुशील तिवारी, सौरभ तिवारी व रजनीश तिवारी वहां पहुंचे और उसे गाली देने लगे। मना करने पर उक्त लोगों ने उसे बुरी तरह पीट दिया। वह और मां उसे बचाने गए तो उनके साथ भी मारपीट की।
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पंकज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मारपीट में प्रयोग की गईं लाठियों को बरामद कर लिया। विवेचना के बाद उक्त लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए गए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने बृजेश तिवारी व उमाशंकर तिवारी को हत्या व एससी-एसटी एक्ट में दोषी पाया।
दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुवाई। इसके अलावा कोर्ट ने अन्य आरोपियों को हत्या के आरोप से संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि मारपीट व एससी-एसटी एक्ट का दोषी पाया। उन्हें दो-दो साल की सजा सुनाकर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।