{"_id":"69e12f624eea6b9e510b62a5","slug":"woman-sentenced-for-falsely-implicating-husband-in-daughters-rape-case-etah-news-c-163-1-eta1013-149312-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: पति को बेटी से दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने वाली महिला को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: पति को बेटी से दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने वाली महिला को सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एटा। बेटी को मोहरा बनाकर पति को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने वाली महिला को न्यायालय ने दोषी माना है। उसे 30 दिन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा है कि कानून के संरक्षणात्मक प्रावधानों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
विशेष लोक अभियोजक श्रीकृष्ण यादव के अनुसार मामला जैथरा क्षेत्र का है। यहां 19 अगस्त 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें महिला ने पति पर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान सामने आया कि महिला ने बेटी के बाल विवाह को लेकर हुए मतभेद के चलते पति को फंसाने के उद्देश्य से झूठा आरोप लगाया था। इसके चलते पति को डेढ़ वर्ष के जेल में रहना पड़ा। विवेचना में मामला झूठा पाया गया। विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव कोर्ट पॉक्सो एक्ट नरेंद्र पाल राणा ने दलीलें सुनने के बाद महिला को दोषी माना। महिला को एक माह की सजा पांच सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त समय तक जेल में रहना होगा।
-- -
मुठभेड़ के तीन दोषियों को पांच वर्ष कारावास
एटा। मुठभेड़ के तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी माना है। उन्हें पांच वर्ष कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
एडीजीसी यतींद्र प्रताप सिंह शाक्य ने बताया कि मैनपुरी के बच्चे के अपहरण के मामले में जैथरा पुलिस ने वर्ष 2013 में पुलिस मुठभेड में आरोपी राकेश, तोताराम, नीरज निवासी गांव उदयपुर थाना जैथरा व उनके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय सुधा ने तीनों आरोपी राकेश, तोताराम, नीरज को सुनवाई के बाद दोषी माना। दोषियों को पांच-पांच साल कारावास और 10-10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। संवाद
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक श्रीकृष्ण यादव के अनुसार मामला जैथरा क्षेत्र का है। यहां 19 अगस्त 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें महिला ने पति पर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान सामने आया कि महिला ने बेटी के बाल विवाह को लेकर हुए मतभेद के चलते पति को फंसाने के उद्देश्य से झूठा आरोप लगाया था। इसके चलते पति को डेढ़ वर्ष के जेल में रहना पड़ा। विवेचना में मामला झूठा पाया गया। विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव कोर्ट पॉक्सो एक्ट नरेंद्र पाल राणा ने दलीलें सुनने के बाद महिला को दोषी माना। महिला को एक माह की सजा पांच सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त समय तक जेल में रहना होगा।
विज्ञापन
मुठभेड़ के तीन दोषियों को पांच वर्ष कारावास
एटा। मुठभेड़ के तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी माना है। उन्हें पांच वर्ष कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
एडीजीसी यतींद्र प्रताप सिंह शाक्य ने बताया कि मैनपुरी के बच्चे के अपहरण के मामले में जैथरा पुलिस ने वर्ष 2013 में पुलिस मुठभेड में आरोपी राकेश, तोताराम, नीरज निवासी गांव उदयपुर थाना जैथरा व उनके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय सुधा ने तीनों आरोपी राकेश, तोताराम, नीरज को सुनवाई के बाद दोषी माना। दोषियों को पांच-पांच साल कारावास और 10-10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। संवाद
विज्ञापन