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तीनों पहर में बदला मौसम का मिजाज
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Sat, 13 Jun 2015 11:25 PM IST
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दिन की शुरूआत हल्की बारिश के साथ हुई। बूंदों के साथ चली हल्की हवाओं ने मौसम को ठंडा किया, तो लोगों को भी राहत महसूस हुई। लेकिन बूंदों के साथ शुरू हुए दिन की राहत ज्यादा देर तक नहीं रही, 10 बजे के बाद धूप के साथ गर्मी भी बढ़ने लगी। दोपहर तक मौसम में काफी उमस हो गई। इससे लोग व्याकुल हो उठे। हालांकि दोपहर की अकुलाहट से शाम को निजात मिल गई। जब अचानक हवाएं चलना शुरू हुईं, तो गर्मी से थोड़ी राहत मिली। शाम को आसमान बादलों से घिरने लगा। धूल भरी हवाएं चलने लगीं। इससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
बाजारों में लोग आंधी से बचते नजर आए। हाथ ढकेल वाले कारोबारियों ने अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया। दुकानदार अपने तिरपालों को संभालने लगे। दो पहिया वाहन चालकों को वाहन चलाने में दिक्कत आई। वे सड़क किनारे खड़े होकर धूल भरी हवाओं के रुकने का इंतजार करते देखे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी का असर देखा गया। कई जगह पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर गई। छप्पर आदि उड़ गए।
शनिवार को सुबह से घुमड़े काले बादल तेज हवाओं के साथ बरस गए। शुक्रवार रात को पलटा मौसम शनिवार को भी बदलता रहा। सुबह लोग जागे तो रात की आंधी बारिश का असर दिखाई दिया। टूटे पेड़, झूलते तार, लटकते होर्डिंग दिखाई दिए। आसमान में घुमड़े काले बादलों ने फिर असर दिखा दिया। तेज हवाओं ने माहौल को फिर धूल भरा कर दिया। इसी के साथ हुई बारिश ने सड़कों पर फिसलन बढ़ा दी। कच्चे रास्तों पर फिसलन बढ़ गई। लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। सुबह को टहलने निकले लोगों को रुकना पड़ा। पशुपालकों-किसानों ने बदले मौसम का स्वागत किया है। गरमी से जूझ रहे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि इतनी बारिश के साथ ही खरीफ की जुताई का काम शुरू हो जाएगा। तो वहीं दुधारू पशुओं को भी राहत मिलेगी। पशुओं के लिए हरी घास व चारा बढ़ने से दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा।
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बाजारों में लोग आंधी से बचते नजर आए। हाथ ढकेल वाले कारोबारियों ने अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया। दुकानदार अपने तिरपालों को संभालने लगे। दो पहिया वाहन चालकों को वाहन चलाने में दिक्कत आई। वे सड़क किनारे खड़े होकर धूल भरी हवाओं के रुकने का इंतजार करते देखे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी का असर देखा गया। कई जगह पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर गई। छप्पर आदि उड़ गए।
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शनिवार को सुबह से घुमड़े काले बादल तेज हवाओं के साथ बरस गए। शुक्रवार रात को पलटा मौसम शनिवार को भी बदलता रहा। सुबह लोग जागे तो रात की आंधी बारिश का असर दिखाई दिया। टूटे पेड़, झूलते तार, लटकते होर्डिंग दिखाई दिए। आसमान में घुमड़े काले बादलों ने फिर असर दिखा दिया। तेज हवाओं ने माहौल को फिर धूल भरा कर दिया। इसी के साथ हुई बारिश ने सड़कों पर फिसलन बढ़ा दी। कच्चे रास्तों पर फिसलन बढ़ गई। लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। सुबह को टहलने निकले लोगों को रुकना पड़ा। पशुपालकों-किसानों ने बदले मौसम का स्वागत किया है। गरमी से जूझ रहे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि इतनी बारिश के साथ ही खरीफ की जुताई का काम शुरू हो जाएगा। तो वहीं दुधारू पशुओं को भी राहत मिलेगी। पशुओं के लिए हरी घास व चारा बढ़ने से दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा।
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