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Etah News: घर में चढ़ाया दूसरे समूह का खून, बिगड़ी हालत
Sun, 19 May 2024 02:16 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 19 May 2024 02:16 AM IST
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एटा। रिश्तेदारी में आई गर्भवती को घर में दूसरे समूह का खून चढ़ा दिया गया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद निजी चिकित्सकों ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया। आगरा में उसको उपचार के लिए ले जाना पड़ा। वहां भी हालत गंभीर बनी हुई है।
संभल के चंदौसी निवासी अनिल ने बताया कि उसकी बहन मोहल्ला शिवगंज में रहती है। हम लोग यहां आए हुए थे। पत्नी कोमल गर्भवती थी, उसका उपचार नर्सिंग होम से चल रहा था। शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर नर्सिंग होम में ले गए। वहां जांच के बाद खून कम बताया गया और ब्लड बैंक में जाकर खून चढ़वाने की बात कही। नर्सिंग होम से उसको पत्र नहीं मिला। इस पर ब्लड बैंक में खून चढ़ाने से मना कर दिया गया। बाद में पत्नी को लेकर फिर नर्सिंग होम पहुंचे। वहां, एक कर्मचारी ने कहा कि घर ले जाओ। एक मिलने वाले वहां पहुंचकर खून चढ़ा देंगे।
इस पर पत्नी को बहन के घर ले गए। यहां कुछ देर बाद एक व्यक्ति आया और खून जांच को ले गया। बाद में वह खून चढ़ाने के लिए आया। इसके लिए 5200 रुपये लिए गए। खून की पर्ची मांगी तो बोला कि वो नहीं मिलती है। खून चढ़ने के बाद पत्नी को लेकर नर्सिंग होम गए। वहां चिकित्सक ने खून चढ़ने की रसीद मांगी। रसीद न होने पर भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इस पर शहर के अन्य नर्सिंग होम में गए। लेकिन किसी ने भर्ती नहीं किया।
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बताया कि एक नर्सिंग होम में पत्नी की खून की जांच कराई गई। पहले की रिपोर्ट व खून चढ़ने के बाद की रिपोर्ट में अंतर आया। इस पर चिकित्सक ने ऑपरेशन से इन्कार कर दिया। उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाया गया है। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। यहां किसी के द्वारा भर्ती न किए जाने पर आगरा ले जाना पड़ा। जहां उसको भर्ती कर ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कर दिया गया है। लेकिन पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।
गर्भवती को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाया गया और यह सब घर में हुआ, ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत आने पर दिखवाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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संभल के चंदौसी निवासी अनिल ने बताया कि उसकी बहन मोहल्ला शिवगंज में रहती है। हम लोग यहां आए हुए थे। पत्नी कोमल गर्भवती थी, उसका उपचार नर्सिंग होम से चल रहा था। शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर नर्सिंग होम में ले गए। वहां जांच के बाद खून कम बताया गया और ब्लड बैंक में जाकर खून चढ़वाने की बात कही। नर्सिंग होम से उसको पत्र नहीं मिला। इस पर ब्लड बैंक में खून चढ़ाने से मना कर दिया गया। बाद में पत्नी को लेकर फिर नर्सिंग होम पहुंचे। वहां, एक कर्मचारी ने कहा कि घर ले जाओ। एक मिलने वाले वहां पहुंचकर खून चढ़ा देंगे।
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इस पर पत्नी को बहन के घर ले गए। यहां कुछ देर बाद एक व्यक्ति आया और खून जांच को ले गया। बाद में वह खून चढ़ाने के लिए आया। इसके लिए 5200 रुपये लिए गए। खून की पर्ची मांगी तो बोला कि वो नहीं मिलती है। खून चढ़ने के बाद पत्नी को लेकर नर्सिंग होम गए। वहां चिकित्सक ने खून चढ़ने की रसीद मांगी। रसीद न होने पर भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इस पर शहर के अन्य नर्सिंग होम में गए। लेकिन किसी ने भर्ती नहीं किया।
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बताया कि एक नर्सिंग होम में पत्नी की खून की जांच कराई गई। पहले की रिपोर्ट व खून चढ़ने के बाद की रिपोर्ट में अंतर आया। इस पर चिकित्सक ने ऑपरेशन से इन्कार कर दिया। उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाया गया है। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। यहां किसी के द्वारा भर्ती न किए जाने पर आगरा ले जाना पड़ा। जहां उसको भर्ती कर ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कर दिया गया है। लेकिन पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।
गर्भवती को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाया गया और यह सब घर में हुआ, ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत आने पर दिखवाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ