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Etah News: यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाने के प्रस्ताव का व्यापारियों ने किया विरोध
Sat, 10 Oct 2026 11:16 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:16 PM IST
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एटा में बाबूगंज बाजार के बाहर यूपीआई के विरोध में धरना प्रदर्शन व्यापारी। स्रोत संगठन
एटा। यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के प्रस्ताव के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने आवाज बुलंद की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर नगर अध्यक्ष अतुल राठी के नेतृत्व में बाबूगंज में धरना-प्रदर्शन किया गया। व्यापारियों ने प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करते हुए बाजारों में जुलूस भी निकाला।
अतुल राठी ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक में ग्राहक यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते हैं। ऐसे में इस पर शुल्क लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। पहले से ही महंगाई, बढ़ते व्यावसायिक खर्च और सीमित मुनाफे की चुनौती झेल रहे कारोबारियों पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
खासकर छोटे दुकानदारों के लिए प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर शुल्क देना मुश्किल हो सकता है। बाबूगंज में धरने के दौरान व्यापारी अशोक सर्राफ ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित एमडीआर को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बाजारों में जुलूस निकालकर विरोध जताया। इस मौके पर संजीव वार्ष्णेय बंटी बाबू, कैलाश जैन, संजीव जैन, उमेश प्रताप सिंह चौहान, आनंद सर्राफ, साबिर मियां, मुकेश वार्ष्णेय और प्रदीप गुप्ता पप्पन समेत आदि व्यापारी रहे।
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अतुल राठी ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक में ग्राहक यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते हैं। ऐसे में इस पर शुल्क लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। पहले से ही महंगाई, बढ़ते व्यावसायिक खर्च और सीमित मुनाफे की चुनौती झेल रहे कारोबारियों पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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खासकर छोटे दुकानदारों के लिए प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर शुल्क देना मुश्किल हो सकता है। बाबूगंज में धरने के दौरान व्यापारी अशोक सर्राफ ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित एमडीआर को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बाजारों में जुलूस निकालकर विरोध जताया। इस मौके पर संजीव वार्ष्णेय बंटी बाबू, कैलाश जैन, संजीव जैन, उमेश प्रताप सिंह चौहान, आनंद सर्राफ, साबिर मियां, मुकेश वार्ष्णेय और प्रदीप गुप्ता पप्पन समेत आदि व्यापारी रहे।
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