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ईमानदार हो क्षेत्र का जनप्रतिनिधि
Amar Ujala
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:01 AM IST
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चुनावी बातचीत करती छात्राएं
- फोटो : Amar Ujala
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विधान सभा चुनाव की जनपद में सरगर्मियां तेज हैं। खेत-खलिहान, बाजार, स्कूल, कालेज सभी जगह चुनाव, पार्टी, प्रत्याशियों के साथ स्थानीय समस्याओं, मुद्दों पर भी लोग चर्चाएं कर रहे हैं। युवा वर्ग ने भी जनप्रतिनिधि चुनने के लिए अपने मुद्दे तय किए हैं। अमर उजाला ने शनिवार को जब एमजी डिग्री कॉलेज की छात्राओं के साथ चुनावी चर्चा की, तो उन्होंने बेबाकी से समस्याएं रखी। मुद्दे गिनाए। कहा कि दिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, परिवहन की समस्याएं गंभीर हैं। इनसे निजात दिलाने की पहल करने वाला ही जनप्रतिनिधि चुना जाना चाहिए।
छात्रा दीक्षा उपाध्याय ने कहा कि जनप्रतिनिधि पर क्षेत्र के विकास का पूरा दारोमदार होता है। ऐसे में ईमानदार और विकास को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशी को वोट दिया जाना चाहिए। अलका पुंढीर ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा के मामले में यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। इस दिशा में अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया। वे अपना वोट विकास कराने वाले प्रत्याशी को ही देंगी।
छात्रा शबनम कहती हैं कि चुनाव मैदान में कई प्रत्याशी हैं। इन प्रत्याशियों के अपने- अपने एजेंडे हैं। जिस प्रत्याशी के एजेंडे में बालिकाओं की शिक्षा प्राथमिकता में होगी, वे उसे ही अपना वोट देंगी।
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शिवानी यादव का कहना है कि अब चुनाव जाति के आधार पर हो गया है, जो उचित नहीं है। प्रत्याशी की योग्यता को ध्यान में रखकर वोट देना चाहिए। जिससे सही जन प्रतिनिधि का चयन हो सके। वे शिक्षित व योग्य प्रत्याशी को अपना वोट देंगी। साक्षी गुप्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं हैं। बालिकाएं शिक्षित होने के बाद रोजगार के लिए परेशान होती हैं। उन्हें दिल्ली, नोएडा जैसी जगहों पर जाना पड़ता है। छात्रा शालिनी, सोनम, जेबा, रुबीना आदि ने भी अपनी बात रखी।
छात्रा दीक्षा उपाध्याय ने कहा कि जनप्रतिनिधि पर क्षेत्र के विकास का पूरा दारोमदार होता है। ऐसे में ईमानदार और विकास को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशी को वोट दिया जाना चाहिए। अलका पुंढीर ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा के मामले में यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। इस दिशा में अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया। वे अपना वोट विकास कराने वाले प्रत्याशी को ही देंगी।
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छात्रा शबनम कहती हैं कि चुनाव मैदान में कई प्रत्याशी हैं। इन प्रत्याशियों के अपने- अपने एजेंडे हैं। जिस प्रत्याशी के एजेंडे में बालिकाओं की शिक्षा प्राथमिकता में होगी, वे उसे ही अपना वोट देंगी।
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शिवानी यादव का कहना है कि अब चुनाव जाति के आधार पर हो गया है, जो उचित नहीं है। प्रत्याशी की योग्यता को ध्यान में रखकर वोट देना चाहिए। जिससे सही जन प्रतिनिधि का चयन हो सके। वे शिक्षित व योग्य प्रत्याशी को अपना वोट देंगी। साक्षी गुप्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं हैं। बालिकाएं शिक्षित होने के बाद रोजगार के लिए परेशान होती हैं। उन्हें दिल्ली, नोएडा जैसी जगहों पर जाना पड़ता है। छात्रा शालिनी, सोनम, जेबा, रुबीना आदि ने भी अपनी बात रखी।