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तेज हवाओं से बर्फीला हुआ मौसम
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 28 Jan 2015 11:31 PM IST
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रात से चली तेज पछुआ हवाओं ने मौसम को बर्फीला कर दिया। गिरे तापमान से लोग सिहर उठे। सुबह की हाड़ कंपाती गलन लोगों पर भारी रही। हवाओं के बाद भी मौसम में धुंध छाई रही। बुधवार को न्यूनतम तापमान 04 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। गिरे तापमान के साथ हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। वहीं, मंगलवार को चली तेज पछुआ हवाओं ने मौसम को और बर्फीला बना दिया। इसके चलते बुधवार की सुबह और ठंडी हो गई। हवा के बाद भी मौसम साफ नहीं हुआ। दोपहर तक धुंधलका छाया रहा। सुबह 11 बजे तक सड़कों पर दौड़ रहे वाहन हेड लाइट जलाए थे। सर्वाधिक परेशानी शैक्षिक संस्थाओं में रही। यहां पहुंचे बच्चे जहां ठंड से ठिठुर रहे थे। वहीं कक्षों में छाया अंधेरा पढ़ाई में आड़े आ रहा था।
बार-बार करवट ले रहा मौसम बीमारियां बढ़ा रहा है। विगत दिनों हुई बारिश के बाद तो मानों लोगों पर बीमारियाें का कहर ही टूट पड़ा है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मरीज बढ़ गए हैं। निजी चिकित्सकों के यहां भी भीड़ बढ़ रही है। इन दिनों सर्वाधिक मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के हैं। सर्वाधिक चपेट में बच्चे बुजुर्ग आ रहे हैं।
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पछुआ हवाओं से किसानों में राहत है। वे अब इसे मौसम खुलने का संकेत मान रहे हैं। अधिकांश किसानों का कहना है कि ठंड के दिन पूरे हो गए। अब फसलों को भी अधिक ठंड की जरूरत नहीं है।
अनवरत ठंड, बारिश और हवाओं से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। सर्वाधिक कहर सर्दी, जुकाम खांसी, निमोनिया और वायरल फीवर का है। हृदय रोगियों के लिए भी यह मौसम खतरनाक है। बच्चे-बुजुर्ग खासे प्रभावित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर विगत दिनों और गत वर्ष की तुलना में मरीजों की भीड़ बढ़ी है।
- डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा
पछुआ हवा फसलों के लिए लाभदायक हैं। पुरवा हवा से फसल में बीमारियां और फूलों में मांऊ आदि कीट की संभावना बढ़ती है लेकिन पछुआ हवाओं से ऐसा नहीं होगा। ऐसे में यह हवा और मौसम फसलों के लिए लाभदायक रहेगा।
- जय प्रकाश, उपकृषि निदेशक, एटा
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मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। गिरे तापमान के साथ हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। वहीं, मंगलवार को चली तेज पछुआ हवाओं ने मौसम को और बर्फीला बना दिया। इसके चलते बुधवार की सुबह और ठंडी हो गई। हवा के बाद भी मौसम साफ नहीं हुआ। दोपहर तक धुंधलका छाया रहा। सुबह 11 बजे तक सड़कों पर दौड़ रहे वाहन हेड लाइट जलाए थे। सर्वाधिक परेशानी शैक्षिक संस्थाओं में रही। यहां पहुंचे बच्चे जहां ठंड से ठिठुर रहे थे। वहीं कक्षों में छाया अंधेरा पढ़ाई में आड़े आ रहा था।
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बार-बार करवट ले रहा मौसम बीमारियां बढ़ा रहा है। विगत दिनों हुई बारिश के बाद तो मानों लोगों पर बीमारियाें का कहर ही टूट पड़ा है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मरीज बढ़ गए हैं। निजी चिकित्सकों के यहां भी भीड़ बढ़ रही है। इन दिनों सर्वाधिक मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के हैं। सर्वाधिक चपेट में बच्चे बुजुर्ग आ रहे हैं।
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पछुआ हवाओं से किसानों में राहत है। वे अब इसे मौसम खुलने का संकेत मान रहे हैं। अधिकांश किसानों का कहना है कि ठंड के दिन पूरे हो गए। अब फसलों को भी अधिक ठंड की जरूरत नहीं है।
अनवरत ठंड, बारिश और हवाओं से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। सर्वाधिक कहर सर्दी, जुकाम खांसी, निमोनिया और वायरल फीवर का है। हृदय रोगियों के लिए भी यह मौसम खतरनाक है। बच्चे-बुजुर्ग खासे प्रभावित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर विगत दिनों और गत वर्ष की तुलना में मरीजों की भीड़ बढ़ी है।
- डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा
पछुआ हवा फसलों के लिए लाभदायक हैं। पुरवा हवा से फसल में बीमारियां और फूलों में मांऊ आदि कीट की संभावना बढ़ती है लेकिन पछुआ हवाओं से ऐसा नहीं होगा। ऐसे में यह हवा और मौसम फसलों के लिए लाभदायक रहेगा।
- जय प्रकाश, उपकृषि निदेशक, एटा