{"_id":"d4b951665361b5730320160ecfa48932","slug":"shavered-earth-frightened-people-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांपी धरती, सहमे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांपी धरती, सहमे लोग
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:28 PM IST
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दोपहर 11.42 से 12.19 बजे के बीच 37 मिनट के अंतराल में दो बार आए
झटकों से लोग दहशत में आ गए। कुछ देर के लिए यहां अफरा-तफरी मच गई। पहले तो
लोग इसे समझ ही नहीं पाए लेकिन डेढ़ मिनट से अधिक के दूसरे झटके ने उनके
होश उड़ा दिए। किसी की कुर्सी हिली तो कहीं बर्तन गिर गए। स्कूल में पढ़ा
रहे शिक्षकों और बच्चों को झटके महसूस हुए वैसे ही सभी कक्षा से बाहर आए।
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के अधिकारी सत्य प्रवीन गुप्ता के अनुसार बैंक
में भी झटके महसूस किए गए। पहले तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया
लेकिन दूसरे झटकों में उन्हें अंदाजा हो गया। लोग घरों से बाहर निकल आए।
सरकारी और प्राइवेट कार्यालय भी खाली हो गए। एलआईसी, कलक्ट्रेट, विकास भवन
आदि कार्यालयों में सन्नाटा नजर आया। जलेसर, अलीगंज, मारहरा, अवागढ़ कसबा
के अलावा बाबसा, जलूखेड़ा, थरौआ आदि गांवों में भी भूकंप के झटके महसूस किए
गए।
जमकर उड़ीं अफवाहें
भूकंप झटकों के बाद फोन खटखटाने लगे। लोगों ने दूर बैठे परिवारीजनों और रिश्तेदारों को फोन कर हालचाल लिए। वहीं अधिकांश लोग एक दूसरे को इसकी सूचना दे रहे थे। इसके साथ ही अफवाहों का बाजार गरम हो गया। कुछ लोगों ने शहर के बहुमंजिला होटल में दरार की बात कही तो किसी ने आगरा रोड पर बड़ा हादसा बताकर सनसनी बढ़ा दी।
‘अभी कुछ और बाकी है’
प्राकृतिक आपदा से तबाह हुए किसानों ने भूकंप के झटकों पर कहा अभी कुछ और बाकी है। फसल बर्बादी का रोना रो रहे इन किसानों का कहना है कि सूखा और बारिश ने खेती तबाह कर दी। रही सही कसर भूकंप कर देगा। इससे इमारतों में जनहानि बढ़ेगी।
घर की दीवार चटकी
ाटकों से जिले में जनहानि की खबर नहीं है लेकिन भवनों में नुकसान हुआ है। पीपल अड्डा निवासी ठेकेदार हरिओम शुक्ला के घर की दीवार चटक कई। कलक्ट्रेट बार भवन की दीवार में भी दरार आ गई। अलीगंज स्थित प्रसिद्ध वैष्णो माता मंदिर की गुफा व बरामदा में भी दरार आई है।
विशेषज्ञों के सुझाव
- बहुमंजिला इमारतों और अन्य भवनों से निकलकर खुले मैदान में आ जाएं। बड़ी बिल्डिंग, पेड़, बिजली के खंभों आदि रेंज से दूर रहें।
- यदि कहीं फंस गए हैं, तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का और ज्यादा असर होगा।
- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामानों से भी दूर हट जाएं। ताकि इनके गिरने टूटने से चोट न लगे।
- इस दौरान वाहनों को भी खुले और सुरक्षित स्थानों पर रोक लेना हितकर रहता है। पुल, फ्लाईओवर के नीचे-ऊपर से न गुजरें।
जमकर उड़ीं अफवाहें
भूकंप झटकों के बाद फोन खटखटाने लगे। लोगों ने दूर बैठे परिवारीजनों और रिश्तेदारों को फोन कर हालचाल लिए। वहीं अधिकांश लोग एक दूसरे को इसकी सूचना दे रहे थे। इसके साथ ही अफवाहों का बाजार गरम हो गया। कुछ लोगों ने शहर के बहुमंजिला होटल में दरार की बात कही तो किसी ने आगरा रोड पर बड़ा हादसा बताकर सनसनी बढ़ा दी।
‘अभी कुछ और बाकी है’
प्राकृतिक आपदा से तबाह हुए किसानों ने भूकंप के झटकों पर कहा अभी कुछ और बाकी है। फसल बर्बादी का रोना रो रहे इन किसानों का कहना है कि सूखा और बारिश ने खेती तबाह कर दी। रही सही कसर भूकंप कर देगा। इससे इमारतों में जनहानि बढ़ेगी।
घर की दीवार चटकी
ाटकों से जिले में जनहानि की खबर नहीं है लेकिन भवनों में नुकसान हुआ है। पीपल अड्डा निवासी ठेकेदार हरिओम शुक्ला के घर की दीवार चटक कई। कलक्ट्रेट बार भवन की दीवार में भी दरार आ गई। अलीगंज स्थित प्रसिद्ध वैष्णो माता मंदिर की गुफा व बरामदा में भी दरार आई है।
विशेषज्ञों के सुझाव
- बहुमंजिला इमारतों और अन्य भवनों से निकलकर खुले मैदान में आ जाएं। बड़ी बिल्डिंग, पेड़, बिजली के खंभों आदि रेंज से दूर रहें।
- यदि कहीं फंस गए हैं, तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का और ज्यादा असर होगा।
- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामानों से भी दूर हट जाएं। ताकि इनके गिरने टूटने से चोट न लगे।
- इस दौरान वाहनों को भी खुले और सुरक्षित स्थानों पर रोक लेना हितकर रहता है। पुल, फ्लाईओवर के नीचे-ऊपर से न गुजरें।