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किसानों ने किया विरोध, पथराव
ब्यूरो अमर उजाला कासगंज
Updated Sun, 15 Feb 2015 12:08 AM IST
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कासगंज जिला न्यायालय की भूमि के अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर शुरू हुई रार थमने का नाम नहीं ले रही। किसानों और महिलाओं का विरोध निरंतर जारी है। शनिवार को इस मामले पर हंगामे की स्थिति रही। प्रशासन से वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीण भड़क गए और जाम लगा दिया। पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम हटवाया तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पथराव में कई चुटैल हो गए। पुलिस ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया। जाम लगाने और पथराव करने के मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
गौरतलब है कि जिला न्यायालय निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई काफी पहले हो चुकी है, लेकिन किसान मिलने वाले मुआवजे की राशि को लेकर संतुष्ट नहीं है। कुछ किसानों ने मुआवजे की राशि ले ली और कुछ किसानों ने अभी तक नहीं ली है। जिला न्यायालय परिसर के बाउंड्री के निर्माण के लिए शासन ने धन स्वीकृत कर दिया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद बार-बार निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो जाता है। अधिवक्ताओं के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन निर्माण कराना चाह रहा है।
शनिवार को अपर जिलाधिकारी बीएम मिश्र, एएसपी राधेमोहन भारद्वाज, तहसीलदार आरपी वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों, राजस्व की टीम एवं पीएससी निर्माण स्थल पर पहुंची। प्रशासन ने निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई, लेकिन महिलाएं आगे आ गई और निर्माण नहीं होने दिया। प्रशासन ने ग्रामीणों से स्कूल में वार्ता की। किसानों से बारी-बारी उनकी समस्याएं पूछी, लेकिन बात मुआवजे पर अटकी रही। किसानों की मांग थी कि उन्हें 40 से 50 लाख बीघा के हिसाब से भुगतान हो।
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प्रशासन का कहना था कि शासन से स्वीकृत मुआवजा ही नियमानुसार दिया जा सकता है। किसानों से प्रशासन की वार्ता विफल हो गई तो ग्रामीण भड़क गए। कासगंज-बरेली मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को जाम की सूचना मिली तो वह जाम खुलवाने पहुंचे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए जाम खुलवाने की कोशिश की तो महिलाएं भड़क गई। ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें कई लोग चुटैल हो गए। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों को बल प्रयोग कर खदेड़ दिया। कई युवकों और महिलाओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद निर्माण स्थल पर प्रशासनिक अधिकारी जमे रहे। मौके पर खुदाई कराई गई। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पहरे में खुदाई का कार्य देर शाम तक चलता रहा। बाद में एसपी विनय कुमार यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली और कार्रवाई के निर्देश दिए।
कई थानों का पुलिस बल मौके पर डटा
ग्रामीणों के विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहले से ही चौकन्ने थे। उन्होंने कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया। इसके बाद पीएससी के जवान व महिला पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। पूरे दिन तनाव की स्थिति देखी गई।
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गौरतलब है कि जिला न्यायालय निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई काफी पहले हो चुकी है, लेकिन किसान मिलने वाले मुआवजे की राशि को लेकर संतुष्ट नहीं है। कुछ किसानों ने मुआवजे की राशि ले ली और कुछ किसानों ने अभी तक नहीं ली है। जिला न्यायालय परिसर के बाउंड्री के निर्माण के लिए शासन ने धन स्वीकृत कर दिया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद बार-बार निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो जाता है। अधिवक्ताओं के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन निर्माण कराना चाह रहा है।
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शनिवार को अपर जिलाधिकारी बीएम मिश्र, एएसपी राधेमोहन भारद्वाज, तहसीलदार आरपी वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों, राजस्व की टीम एवं पीएससी निर्माण स्थल पर पहुंची। प्रशासन ने निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई, लेकिन महिलाएं आगे आ गई और निर्माण नहीं होने दिया। प्रशासन ने ग्रामीणों से स्कूल में वार्ता की। किसानों से बारी-बारी उनकी समस्याएं पूछी, लेकिन बात मुआवजे पर अटकी रही। किसानों की मांग थी कि उन्हें 40 से 50 लाख बीघा के हिसाब से भुगतान हो।
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प्रशासन का कहना था कि शासन से स्वीकृत मुआवजा ही नियमानुसार दिया जा सकता है। किसानों से प्रशासन की वार्ता विफल हो गई तो ग्रामीण भड़क गए। कासगंज-बरेली मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को जाम की सूचना मिली तो वह जाम खुलवाने पहुंचे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए जाम खुलवाने की कोशिश की तो महिलाएं भड़क गई। ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें कई लोग चुटैल हो गए। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों को बल प्रयोग कर खदेड़ दिया। कई युवकों और महिलाओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद निर्माण स्थल पर प्रशासनिक अधिकारी जमे रहे। मौके पर खुदाई कराई गई। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पहरे में खुदाई का कार्य देर शाम तक चलता रहा। बाद में एसपी विनय कुमार यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली और कार्रवाई के निर्देश दिए।
कई थानों का पुलिस बल मौके पर डटा
ग्रामीणों के विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहले से ही चौकन्ने थे। उन्होंने कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया। इसके बाद पीएससी के जवान व महिला पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। पूरे दिन तनाव की स्थिति देखी गई।