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‘प्रभु’ ने भी नहीं सुनी एटा वालों की
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:40 PM IST
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हर बार की तरह इस बार भी एटा वालों के हाथ मायूसी ही लगी। गुरुवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा पेश किए गए रेल बजट में एटा को कोई सौगात नहीं दी गई, जबकि लंबे समय से यहां के लोग रेल विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लोगों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश है। अब आंदोलन तेज कर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, रेल बजट की जानकारी के लिए लोग दिनभर टीवी-मोबाइल पर नजर गढ़ाए रहे।
केंद्र में बनी भाजपा सरकार से जिले के लोगों को काफी उम्मीदें थीं। जिले में भाजपा के तीन-तीन सांसदों का दखल होने के बाद भी एटा वालों को फिर से निराशा हाथ लगी। बता दें कि जिले की एटा सदर व मारहरा विधानसभा एटा लोकसभा क्षेत्र में आती हैं। अलीगंज विधानसभा क्षेत्र फर्रुखाबाद व जलेसर विधानसभा क्षेत्र आगरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। रेल बजट के पेश होने से पहले यहां भाकियू (राष्ट्रवादी) के अलावा कई संगठनों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया था। युवा शक्ति संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान चलाया था। रेल भी रोकी गई। उसके बाद भी यहां के लोगों की मांग पूरी नहीं हुई।
भाकियू ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, पुलिस से नोकझोंक
रेल बजट में एटा को कुछ न मिलने पर रेलवे विस्तार की मांग को लेकर बुधवार से प्रदर्शन कर रहे भाकियू के कार्यकर्ताओं में आक्रोश और पनप गया। स्टेशन पर मौजूद किसान नेताओं ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं स्टेशन पर जमे होने के चलते हटाने पर पुलिस से नोकझोंक तक हो गई। बाद में एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह व स्टेशन अधीक्षक एसएस मीणा भी पहुंच गए और किसानों से वार्ता की। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र होगा। किसान अभी भी स्टेशन पर जमे हैं। इस मौके पर प्रदेश महासचिव अखिल यादव, तेज सिंह वर्मा, रमेश चंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र वर्मा, हाकिम सिंह, चंद्रपाल, भारत सिंह, श्यामा बेग, दिनेश चंद्र यादव, कैलाश लोधी, दयाराम सिंह, रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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एटा में रेल विस्तार के लिए हमने रेल मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व योजना आयोग से मिलकर काफी कोशिश की, लेकिन आज के रेल बजट से निराशा हुई है। फिर भी हम अपने प्रयास जारी रखेंगे।
- नीरज गुप्ता, लक्ष्य संस्था प्रमुख
जनता को उम्मीद थी कि रेल किराया घटेगा, क्योंकि डीजल के दाम कम हुए हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ज्यादातर पिछली योजनाओं का विस्तार किया गया है। यहां के लोगों को केवल मायूसी हाथ लगी है। क्षेत्र का विकास रेलवे लाइन से जुड़ा होता है।
-अशरफ हुसैन, जिला महासचिव सपा, पूर्व चेयरमैन
इतने आंदोलन के बाद भी एटावालों को रेलमंत्री ने निराश किया है। रेल विस्तार के लिए वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस बार अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
-राकेश गांधी, नगरपालिका अध्यक्ष
नाकारा नेताओं के कारनामों का नतीजा एटा रेल का यह हाल है। अगर यह रेल एटा में न होती तो आज एटा शहर कहीं से कहीं पहुंच गया होता। अब यहां के जनप्रतिनिधि लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करें।
-विशाल अग्रवाल, प्रांतीय नेता, भारत विकास परिषद
भाजपा के तीनों सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया, राजवीर सिंह राजू भइया व मुकेश राजपूत व वह स्वयं केंद्रीय नेतृत्व से वार्ता कर चुके हैं। निश्चित रूप से भाजपा के कार्यकाल में ही एटा में रेल विस्तार के साथ-साथ आगरा तक ट्रेन दौड़ेगी। इसके लिए हम पूरी तरह से संकल्पित हैं।
- पंकज गुप्ता एडवोकेट, जिलाध्यक्ष भाजपा
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केंद्र में बनी भाजपा सरकार से जिले के लोगों को काफी उम्मीदें थीं। जिले में भाजपा के तीन-तीन सांसदों का दखल होने के बाद भी एटा वालों को फिर से निराशा हाथ लगी। बता दें कि जिले की एटा सदर व मारहरा विधानसभा एटा लोकसभा क्षेत्र में आती हैं। अलीगंज विधानसभा क्षेत्र फर्रुखाबाद व जलेसर विधानसभा क्षेत्र आगरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। रेल बजट के पेश होने से पहले यहां भाकियू (राष्ट्रवादी) के अलावा कई संगठनों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया था। युवा शक्ति संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान चलाया था। रेल भी रोकी गई। उसके बाद भी यहां के लोगों की मांग पूरी नहीं हुई।
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भाकियू ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, पुलिस से नोकझोंक
रेल बजट में एटा को कुछ न मिलने पर रेलवे विस्तार की मांग को लेकर बुधवार से प्रदर्शन कर रहे भाकियू के कार्यकर्ताओं में आक्रोश और पनप गया। स्टेशन पर मौजूद किसान नेताओं ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं स्टेशन पर जमे होने के चलते हटाने पर पुलिस से नोकझोंक तक हो गई। बाद में एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह व स्टेशन अधीक्षक एसएस मीणा भी पहुंच गए और किसानों से वार्ता की। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र होगा। किसान अभी भी स्टेशन पर जमे हैं। इस मौके पर प्रदेश महासचिव अखिल यादव, तेज सिंह वर्मा, रमेश चंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र वर्मा, हाकिम सिंह, चंद्रपाल, भारत सिंह, श्यामा बेग, दिनेश चंद्र यादव, कैलाश लोधी, दयाराम सिंह, रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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एटा में रेल विस्तार के लिए हमने रेल मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व योजना आयोग से मिलकर काफी कोशिश की, लेकिन आज के रेल बजट से निराशा हुई है। फिर भी हम अपने प्रयास जारी रखेंगे।
- नीरज गुप्ता, लक्ष्य संस्था प्रमुख
जनता को उम्मीद थी कि रेल किराया घटेगा, क्योंकि डीजल के दाम कम हुए हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ज्यादातर पिछली योजनाओं का विस्तार किया गया है। यहां के लोगों को केवल मायूसी हाथ लगी है। क्षेत्र का विकास रेलवे लाइन से जुड़ा होता है।
-अशरफ हुसैन, जिला महासचिव सपा, पूर्व चेयरमैन
इतने आंदोलन के बाद भी एटावालों को रेलमंत्री ने निराश किया है। रेल विस्तार के लिए वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस बार अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
-राकेश गांधी, नगरपालिका अध्यक्ष
नाकारा नेताओं के कारनामों का नतीजा एटा रेल का यह हाल है। अगर यह रेल एटा में न होती तो आज एटा शहर कहीं से कहीं पहुंच गया होता। अब यहां के जनप्रतिनिधि लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करें।
-विशाल अग्रवाल, प्रांतीय नेता, भारत विकास परिषद
भाजपा के तीनों सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया, राजवीर सिंह राजू भइया व मुकेश राजपूत व वह स्वयं केंद्रीय नेतृत्व से वार्ता कर चुके हैं। निश्चित रूप से भाजपा के कार्यकाल में ही एटा में रेल विस्तार के साथ-साथ आगरा तक ट्रेन दौड़ेगी। इसके लिए हम पूरी तरह से संकल्पित हैं।
- पंकज गुप्ता एडवोकेट, जिलाध्यक्ष भाजपा