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Etah News: दुष्कर्म के सभी आरोपी दोषमुक्त विवेचक पर कार्रवाई के आदेश
Tue, 02 Sep 2025 11:17 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:17 PM IST
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एटा। महिला से दुष्कर्म का मामला अपर सत्र न्यायाधीश मनीषा की अदालत में साबित नहीं हो पाया और सभी आरोपी दोषमुक्त करार दिए गए। मामले के विवेचक पर अदालत ने कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
मामला वर्ष 2014 का है। वीरभान, कश्मीर सिंह, जगजीत सिंह और भानुप्रताप निवासी गढि़या जगन्नाथ के विरुद्ध थाना राजा का रामपुर में 25 अक्तूबर 2014 को एक व्यक्ति ने दर्ज कराया।
इसमें बताया कि वह घर का सामान लेने अलीगंज गया था। इसी दौरान शाम के समय चारों आरोपी हथियार लेकर उसके घर में घुस आए। अंदर से दरवाजे की कुंडी लगाकर पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र शंकर पांडेय ने मामले की विवेचना की। चारों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत में अभियोजन की ओर से पांच गवाहों को प्रस्तुत किया गया। वादी और पीड़िता के मुख्य परीक्षा और प्रतिपरीक्षा में बयान परस्पर विरोधी पाए गए। इस पर अदालत ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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आरोप साबित न होने पर चारोें आरोपियों को दोषमुक्त किया। वहीं विवेक देवेंद्र शंकर पांडेय की विवेचना को दोषपूर्ण बताते हुए एसएसपी एटा को निर्देशित किया है कि तीन माह के अंदर विवेचक के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ कर की गई कार्रवाई से अदालत को अवगत कराएं।
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मामला वर्ष 2014 का है। वीरभान, कश्मीर सिंह, जगजीत सिंह और भानुप्रताप निवासी गढि़या जगन्नाथ के विरुद्ध थाना राजा का रामपुर में 25 अक्तूबर 2014 को एक व्यक्ति ने दर्ज कराया।
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इसमें बताया कि वह घर का सामान लेने अलीगंज गया था। इसी दौरान शाम के समय चारों आरोपी हथियार लेकर उसके घर में घुस आए। अंदर से दरवाजे की कुंडी लगाकर पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र शंकर पांडेय ने मामले की विवेचना की। चारों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत में अभियोजन की ओर से पांच गवाहों को प्रस्तुत किया गया। वादी और पीड़िता के मुख्य परीक्षा और प्रतिपरीक्षा में बयान परस्पर विरोधी पाए गए। इस पर अदालत ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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आरोप साबित न होने पर चारोें आरोपियों को दोषमुक्त किया। वहीं विवेक देवेंद्र शंकर पांडेय की विवेचना को दोषपूर्ण बताते हुए एसएसपी एटा को निर्देशित किया है कि तीन माह के अंदर विवेचक के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ कर की गई कार्रवाई से अदालत को अवगत कराएं।