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नो एंट्री व्यवस्था भी बेअसर, नासूर बनी जाम की समस्या
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जीटी रोड पर जाम में फंसे ट्रक सहित अन्य वाहन।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। शहर में जीटी रोड पर जाम की समस्या नासूर बनी हुई है। इससे निजात दिलाने के लिए पिछले दिनों शहर के अंदर भारी वाहनों के लिए नो एंट्री व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसका भी कोई असर नजर नहीं आ रहा। तमाम ट्रक जीटी रोड पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। जिससे शहर के अंदर लगभग दो किमी के टुकड़े पर दिन में बार-बार जाम के हालात बनते हैं।
उम्मीद थी कि जीटी रोड पर बाईपास बनने के बाद शहर को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा, लेकिन बाईपास का संचालन शुरू होने के बाद भी कोई अंतर नहीं आया। अधिकांश भारी वाहन शहर के अंदर से ही गुजर रहे थे। इसे लेकर डीएम अंकित अग्रवाल ने नो एंटी की योजना बनाने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने इसे 10 अक्तूबर से लागू करा दिया। जिसके तहत सुबह 8 से रात 8 बजे तक भारी वाहनों की शहर में नो एंट्री रखी गई है। इन्हें अलीगढ़ की ओर से चौथा मील और मैनपुरी की ओर से एआरटीओ कार्यालय पर रोककर बाईपास पर डायवर्ट करने की बात कही गई, लेकिन योजना पूरी तरह कारगर नहीं है। निगरानी में कमी के चलते तमाम ट्रक शहर के अंदर आ रहे हैं और संकरे जीटी रोड का बुरा हाल हो रहा है।
स्कूलों की छुट्टी के बाद पूरा शहर हो जाता है जाम
कोरोना काल के बाद स्कूूलों का संचालन शुरू कर दिया गया है। जैसे ही स्कूलों की छुट्टी होती है, स्कूल बस, वैन निकल पड़ती हैं। वहीं बच्चों को लेकर अभिभावक भी दुपहिया वाहन, कार और रिक्शा-ऑटो में लेकर घरों की ओर आते हैं। करीब दो घंटे तक शहर में यातायात का भार दोगुने से ज्यादा हो जाता है। ऐसे में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। हर सड़क पर वाहनों की भरमार और पूरा शहर जाम हो जाता है।
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इन स्थानों पर हालात ज्यादा कठिन
यूं तो शहर के अंदर पूरे ही जीटी रोड पर सुबह से देरशाम तक जाम जैसे हालात रुक-रुक कर लगते रहते हैं, लेकिन पं. दीनदयाल उपाध्याय चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, ठंडी सड़क मोड़ तिराहा, जिला अस्पताल, घंटाघर और सब्जी मंडी मोड़, शिकोहाबाद रोड मोड़, तहसील, अलीगंज रोड चौराहा पर हालात ज्यादा कठिन रहते हैं।
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उम्मीद थी कि जीटी रोड पर बाईपास बनने के बाद शहर को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा, लेकिन बाईपास का संचालन शुरू होने के बाद भी कोई अंतर नहीं आया। अधिकांश भारी वाहन शहर के अंदर से ही गुजर रहे थे। इसे लेकर डीएम अंकित अग्रवाल ने नो एंटी की योजना बनाने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने इसे 10 अक्तूबर से लागू करा दिया। जिसके तहत सुबह 8 से रात 8 बजे तक भारी वाहनों की शहर में नो एंट्री रखी गई है। इन्हें अलीगढ़ की ओर से चौथा मील और मैनपुरी की ओर से एआरटीओ कार्यालय पर रोककर बाईपास पर डायवर्ट करने की बात कही गई, लेकिन योजना पूरी तरह कारगर नहीं है। निगरानी में कमी के चलते तमाम ट्रक शहर के अंदर आ रहे हैं और संकरे जीटी रोड का बुरा हाल हो रहा है।
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स्कूलों की छुट्टी के बाद पूरा शहर हो जाता है जाम
कोरोना काल के बाद स्कूूलों का संचालन शुरू कर दिया गया है। जैसे ही स्कूलों की छुट्टी होती है, स्कूल बस, वैन निकल पड़ती हैं। वहीं बच्चों को लेकर अभिभावक भी दुपहिया वाहन, कार और रिक्शा-ऑटो में लेकर घरों की ओर आते हैं। करीब दो घंटे तक शहर में यातायात का भार दोगुने से ज्यादा हो जाता है। ऐसे में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। हर सड़क पर वाहनों की भरमार और पूरा शहर जाम हो जाता है।
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इन स्थानों पर हालात ज्यादा कठिन
यूं तो शहर के अंदर पूरे ही जीटी रोड पर सुबह से देरशाम तक जाम जैसे हालात रुक-रुक कर लगते रहते हैं, लेकिन पं. दीनदयाल उपाध्याय चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, ठंडी सड़क मोड़ तिराहा, जिला अस्पताल, घंटाघर और सब्जी मंडी मोड़, शिकोहाबाद रोड मोड़, तहसील, अलीगंज रोड चौराहा पर हालात ज्यादा कठिन रहते हैं।