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ब्यौरा अपलोड नहीं किया तो नहीं मिलेगा फंड
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:15 PM IST
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केंद्र सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को भेजी गई धनराशि के खर्च किए जाने का ब्यौरा ग्राम प्रधान एवं सचिवों के द्वारा ऑनलाइन नहीं कराया गया है। इस लापरवाही के चलते 14वें वित्त की एक किस्त शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को प्राप्त नहीं हुई हैं। अगर ब्यौरा आनलाइन नहीं कराया गया तो आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी ग्राम पंचायतों की फंडिंग अटक जाएगी।
राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए भेजी गई धनराशि को प्रत्येक कार्य के बाद फीडिंग कराकर अपलोड कराई जानी थी। ग्राम पंचायतों द्वारा विकास कार्य कराए गए, लेकिन उनका ब्यौरा आनलाइन नहीं कराया। इसके चलते ग्राम पंचायतों को आने वाली 14वें वित्त की धनराशि केंद्र सरकार द्वारा नहीं भेजी गई है। अब वित्तीय वर्ष 2016-17 समाप्त हो चुका है, और बिल बाउचर की फीडिंग भी नहीं हुई। इसके चलते नव वित्तीय वर्ष में शासन द्वारा सभी विकास कार्यों पर रोक लगा दी गई।
डीपीआरओ डा. शरन जीत कौर ने बताया है कि ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को लिखित एवं मौखिक निर्देशों बाद भी अपने कराए विकास कार्यों का लेखा जोखा आनलाइन नहीं कराया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना आनलाइन फीडिंग कराने के बाद ही ग्राम पंचायतें विकास कार्य करा सकेंगी।
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राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए भेजी गई धनराशि को प्रत्येक कार्य के बाद फीडिंग कराकर अपलोड कराई जानी थी। ग्राम पंचायतों द्वारा विकास कार्य कराए गए, लेकिन उनका ब्यौरा आनलाइन नहीं कराया। इसके चलते ग्राम पंचायतों को आने वाली 14वें वित्त की धनराशि केंद्र सरकार द्वारा नहीं भेजी गई है। अब वित्तीय वर्ष 2016-17 समाप्त हो चुका है, और बिल बाउचर की फीडिंग भी नहीं हुई। इसके चलते नव वित्तीय वर्ष में शासन द्वारा सभी विकास कार्यों पर रोक लगा दी गई।
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डीपीआरओ डा. शरन जीत कौर ने बताया है कि ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को लिखित एवं मौखिक निर्देशों बाद भी अपने कराए विकास कार्यों का लेखा जोखा आनलाइन नहीं कराया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना आनलाइन फीडिंग कराने के बाद ही ग्राम पंचायतें विकास कार्य करा सकेंगी।
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