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मंगलामुखियों की संवारी जाएगी जिंदगी
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एटा। सरकार ने किन्नरों की पहचान को समान करने के उद्देश्य से बोर्ड का गठन किया है। इससे मंगलामुखी (किन्नरों) की जिंदगी को संवारने का काम किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग किन्नर सहयोग इकाई का गठन करेगा। इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष व समाज कल्याण अधिकारी सचिव के अलावा 10 सदस्य होंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि यादव ने बताया कि किन्नर सहयोग इकाई का गठन किया जाएगा। इस इकाई में किन्नर समुदाय के दो प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। किन्नरों की समानता और न्याय समता को लेकर कार्ययोजना बनाई गई है। बताया कि बाल किन्नरों की पढ़ाई कराने, इनके बीमार होने पर उपचार दिलाने, दुष्कर्म आदि की वारदात होने पर वन स्टॉप सेंटर में ठहराने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के होने पर वृद्धावस्था पेंशन दिलाने का काम किया जाएगा।
आश्रम पद्धति विद्यालयों में बच्चों का प्रवेश दिलाकर शिक्षा भी कराई जाएगी और अन्य जन समुदाय की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारियां कराई जाएंगी। उनकी आवश्यकताओं, मुद्दों, समस्याओं के निराकरण के लिए गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। इनके साथ होने वाले भेदभाव, दुष्कर्म की वारदातें, अधिकारों की रक्षा के लिए किन्नर सहयोग इकाई कार्य करेगी।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि यादव ने बताया कि किन्नर सहयोग इकाई का गठन किया जाएगा। इस इकाई में किन्नर समुदाय के दो प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। किन्नरों की समानता और न्याय समता को लेकर कार्ययोजना बनाई गई है। बताया कि बाल किन्नरों की पढ़ाई कराने, इनके बीमार होने पर उपचार दिलाने, दुष्कर्म आदि की वारदात होने पर वन स्टॉप सेंटर में ठहराने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के होने पर वृद्धावस्था पेंशन दिलाने का काम किया जाएगा।
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आश्रम पद्धति विद्यालयों में बच्चों का प्रवेश दिलाकर शिक्षा भी कराई जाएगी और अन्य जन समुदाय की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारियां कराई जाएंगी। उनकी आवश्यकताओं, मुद्दों, समस्याओं के निराकरण के लिए गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। इनके साथ होने वाले भेदभाव, दुष्कर्म की वारदातें, अधिकारों की रक्षा के लिए किन्नर सहयोग इकाई कार्य करेगी।
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