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सुविधाओं से वंचित लोहिया गांव यादगारपुर
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:06 PM IST
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मिरहची। वर्ष 2012-13 में चयनित लोहिया ग्राम आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। लोहिया गांव यादगारपुर में आज भी सफाई कर्मी के न पहुंचने से नालियां चोक पड़ी हैं। दो-दो माह तक ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा रहता है। इससे ग्रामीणों को बिजली समस्या का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने भी गांव की गलियों के दोनों ओर नालियों का निर्माण नहीं कराया है। ग्रामीणों ने खुद अपने घरों के सामने नालियां बना ली हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लोहिया ग्राम चयनित होने के बाद गांव में कोई खास विकास कार्य नहीं किए गए। अधिकांश विकास कार्य कागजों में कराए गए हैं। गांव में एक मात्र ट्रांसफार्मर है जिससे गांव के नलकूप चलते हैं और इसी ट्रांसफार्मर से गांव को भी सप्लाई दी जाती है। ट्रांसफार्मर को फुंके हुए दो माह हो चुके हैं, दो माह से गांव में बिजली न होने से अंधकार है, साथ ही फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण रामभजन सिंह, अखिलेश, बखेड़ी लाल, अपर्णा, गुड्डो देवी, उर्मिला देवी, सरोजा देवी, उमेश कुमारी, सुबोध का कहना है कि गांव की गलियों में जो नालियां हैं वह सभी ग्रामीणों ने अपने पैसे से बनवाई हैं। गांव में कभी भी सफाईकर्मी नहीं आता है, सफाई के अभाव में अक्सर नालियां चोक हो जाती हैं, जिससे गंदा पानी गलियों में बहता है। नालियों की सफाई ग्रामीण खुद करते हैं।
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गांव में एक मात्र पानी की टंकी है जो पूरे गांव के लिए पर्याप्त नहीं है।
वर्ष 2015-16 में चयनित लोहिया गांव अचलपुर में भी दीवारों पर लिखे साफ सफाई के स्लोगन मुंह चिड़ाते दिखते हैं। जहां स्लोगन लिखे गये हैं वहीं गंदगी युक्त नालियों का पानी गलियों में एकत्रित होकर दुर्गंध फैला रहा है। गांव में अभी तक कोई भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
गांव में एक मस्जिद के सामने पानी की टंकी बनी है जो एक साल से खराब है। रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम समाज के लोगों को परेशानी हो रही है। अचलपुर निवासी मनीराम सिंह, रामवीर सिंह, उदयवीर सिंह, यशपाल सिंह, कैलाश चंद्र, महमूद खां ने मांग की है कि गांव में प्रतिदिन नालियों की सफाई कराई जाए जिससे गांव की गलियों में गंदगी एकत्रित न हो सके।
गांव यादगारपुर का सफाईकर्मी गांव में कार्य करने नहीं जाता है क्योंकि वह वेतन भी नहीं ले रहा है जबकि अचलपुर में सफाईकर्मी नियमित है। ग्रामीणों का आरोप गलत है।
सुधाकर किशोर, सहायक विकास अधिकारी
यदि ग्रामीण नलकूप और घरेलू बिल जमा की रसीद लाकर दिखा दें तो वह तुरंत नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा देंगे।
- वीके सिंह, एसडीओ
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ग्रामीणों का कहना है कि लोहिया ग्राम चयनित होने के बाद गांव में कोई खास विकास कार्य नहीं किए गए। अधिकांश विकास कार्य कागजों में कराए गए हैं। गांव में एक मात्र ट्रांसफार्मर है जिससे गांव के नलकूप चलते हैं और इसी ट्रांसफार्मर से गांव को भी सप्लाई दी जाती है। ट्रांसफार्मर को फुंके हुए दो माह हो चुके हैं, दो माह से गांव में बिजली न होने से अंधकार है, साथ ही फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है।
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ग्रामीण रामभजन सिंह, अखिलेश, बखेड़ी लाल, अपर्णा, गुड्डो देवी, उर्मिला देवी, सरोजा देवी, उमेश कुमारी, सुबोध का कहना है कि गांव की गलियों में जो नालियां हैं वह सभी ग्रामीणों ने अपने पैसे से बनवाई हैं। गांव में कभी भी सफाईकर्मी नहीं आता है, सफाई के अभाव में अक्सर नालियां चोक हो जाती हैं, जिससे गंदा पानी गलियों में बहता है। नालियों की सफाई ग्रामीण खुद करते हैं।
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गांव में एक मात्र पानी की टंकी है जो पूरे गांव के लिए पर्याप्त नहीं है।
वर्ष 2015-16 में चयनित लोहिया गांव अचलपुर में भी दीवारों पर लिखे साफ सफाई के स्लोगन मुंह चिड़ाते दिखते हैं। जहां स्लोगन लिखे गये हैं वहीं गंदगी युक्त नालियों का पानी गलियों में एकत्रित होकर दुर्गंध फैला रहा है। गांव में अभी तक कोई भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
गांव में एक मस्जिद के सामने पानी की टंकी बनी है जो एक साल से खराब है। रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम समाज के लोगों को परेशानी हो रही है। अचलपुर निवासी मनीराम सिंह, रामवीर सिंह, उदयवीर सिंह, यशपाल सिंह, कैलाश चंद्र, महमूद खां ने मांग की है कि गांव में प्रतिदिन नालियों की सफाई कराई जाए जिससे गांव की गलियों में गंदगी एकत्रित न हो सके।
गांव यादगारपुर का सफाईकर्मी गांव में कार्य करने नहीं जाता है क्योंकि वह वेतन भी नहीं ले रहा है जबकि अचलपुर में सफाईकर्मी नियमित है। ग्रामीणों का आरोप गलत है।
सुधाकर किशोर, सहायक विकास अधिकारी
यदि ग्रामीण नलकूप और घरेलू बिल जमा की रसीद लाकर दिखा दें तो वह तुरंत नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा देंगे।
- वीके सिंह, एसडीओ