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बागबान परेशान, अभी तक खास नहीं बन पा रहा आम
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कासगंज। आम के लिए यदि अभी से कुछ खास नहीं किया गया तो बागबान बर्बाद हो जाएंगे। क्योंकि कोरोना संक्रमण के खौफ के कारण किए गए लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्य के व्यापारियों ने अभी तक जिले के बागबानों को खरीद की बुकिंग का ऑर्डर नहीं दिया गया। जिससे फलों के राजा की बिक्री को लेकर बागबान चिंतित हैं।
जिले में बड़े क्षेत्रफल में आम की बागबानी होती है। लंगड़ा, चौसा, टिकारी, दशहरी, बंबईया सहित अन्य कई प्रजाति के आम की अच्छी खासी पैदावार होती है। हर साल जब आम के पेड़ों पर बौर आता है तभी दूसरे शहरों और राज्यों के व्यापारी बागबानों से संपर्क कर आम खरीद के लिए बुकिंग करा देते हैं। अब जब आम फूलने के बाद फलने लगा है तब भी अभी तक दूसरे राज्यों से कोई ऑर्डर नहीं आया है। इसके पीछे बागबानों का मानना है कि लॉकडाउन के कारण व्यापारी ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। व्यापारियों को डर है कि आम की आपूर्ति पर कहीं लॉकडाउन के पहरे का असर न पड़े।
बागबानों की बात
- 25 बीघा बाग पट्टे पर लिया है। 10 लाख रुपये की धनराशि बाग स्वामी को बतौर एडवांस दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कहीं से भी आम खरीद का ऑर्डर नहीं मिला है। - सुहाले कुरैशी।
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- भोपाल, अजमेर, जयपुर, मुम्बई, गाजियाबाद सहित प्रदेश के कई शहरों के अलावा देश के अन्य राज्यों से आम खरीद के ऑर्डर आते थे, लेकिन अब व्यापारी ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। - मुन्ना।
- बागबानी की देखभाल के लिए मजदूर लगाने पड़े हैं। दवा छिड़काव, बाग में पानी एवं देखभाल के लिए लगाए गए मजदूरों पर काफी खर्च हो रहा है। ऑर्डर न मिलने से अभी तक अग्रिम भुगतान भी नहीं मिला है। - ओमप्रकाश।
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जिले में बड़े क्षेत्रफल में आम की बागबानी होती है। लंगड़ा, चौसा, टिकारी, दशहरी, बंबईया सहित अन्य कई प्रजाति के आम की अच्छी खासी पैदावार होती है। हर साल जब आम के पेड़ों पर बौर आता है तभी दूसरे शहरों और राज्यों के व्यापारी बागबानों से संपर्क कर आम खरीद के लिए बुकिंग करा देते हैं। अब जब आम फूलने के बाद फलने लगा है तब भी अभी तक दूसरे राज्यों से कोई ऑर्डर नहीं आया है। इसके पीछे बागबानों का मानना है कि लॉकडाउन के कारण व्यापारी ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। व्यापारियों को डर है कि आम की आपूर्ति पर कहीं लॉकडाउन के पहरे का असर न पड़े।
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बागबानों की बात
- 25 बीघा बाग पट्टे पर लिया है। 10 लाख रुपये की धनराशि बाग स्वामी को बतौर एडवांस दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कहीं से भी आम खरीद का ऑर्डर नहीं मिला है। - सुहाले कुरैशी।
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- भोपाल, अजमेर, जयपुर, मुम्बई, गाजियाबाद सहित प्रदेश के कई शहरों के अलावा देश के अन्य राज्यों से आम खरीद के ऑर्डर आते थे, लेकिन अब व्यापारी ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। - मुन्ना।
- बागबानी की देखभाल के लिए मजदूर लगाने पड़े हैं। दवा छिड़काव, बाग में पानी एवं देखभाल के लिए लगाए गए मजदूरों पर काफी खर्च हो रहा है। ऑर्डर न मिलने से अभी तक अग्रिम भुगतान भी नहीं मिला है। - ओमप्रकाश।