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भंडारे में हुई बेइज्जती का लिया बाबा की हत्या कर बदला

Sat, 09 Oct 2021 07:27 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 07:27 PM IST
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Killed to avenge the humiliation in Bhandara
एटा। दो दिन पहले भंडारे में हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए रज्जाक ने पुजारी की हत्या कर डाली। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला जगरूप में पहले नवरात्र के दिन बृहस्पतिवार को मंदिर में भंडारा हुआ था। इसमें आरोपी रज्जाक शराब पीकर पहुंचा। इस पर पुजारी कृपाल गिरि ने डांट कर भगा दिया था।
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मंदिर के पुजारी कृपाल सिंह उर्फ कृपाल गिरि के चाचा सूरजपाल का कहना है कि सात अक्तूबर को नगला जगरूप स्थित शिव मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया गया था। इसमें पूरा गांव शामिल था और हमारे गांव मऊ तालुका से भी काफी लोग पहुंचे थे। भंडारे के समय रज्जाक शराब के नशे में धुत होकर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। इससे भंडारे की व्यवस्थाओं में व्यवधान पैदा हो गया। इस बात को लेकर पुजारी ने रज्जाक को डांट दिया। इस पर रज्जाक ने देख लेने की धमकी दी थी। इस धमकी को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पुजारी और रज्जाक में काफी नजदीकियां थी। आपस में काफी घुले-मिले रहते थे। इस कारण पुजारी ने कभी नहीं सोचा था कि रज्जाक उसकी हत्या कर सकता है।
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प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र ने बताया कि मंदिर पर हुए भंडारे के दौरान पुजारी द्वारा डांटने से क्षुब्ध होकर आरोपी द्वारा हत्या किए जाने की वजह सामने आई है। आरोपी पुजारी को धमकी देकर भी गया था। उसने बेइज्जती का बदला बाबा की हत्या करके लिया। गांववालों के अनुसार दोनों के बीच में काफी मधुरता भी थी।
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एक माह पूर्व ही मंदिर पर आए थे पुजारी
पुजारी के पैतृक गांव मऊ तालुका निवासी राजपाल सिंह का कहना है कि नगला जगरूप स्थित शिव मंदिर पर एक माह पहले ही पुजारी कृपाल गिरि आए थे। इससे पहले गांव अथैया स्थित चौड़ेश्वर शिव मंदिर पर आठ वर्षों तक रहे। उनके एक भाई ज्ञान सिंह है जो दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। गांव नजदीक है और पुजारी का आना-जाना बना रहता था। भंडारे से एक दिन पहले गांव में लोगों को न्योता भी देकर आए थे।

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पुजारी को मानता था पिता की मौत का जिम्मेदार
हत्यारोपी रज्जाक के पिता शेर खां की बीमारी के चलते करीब 20 साल पहले मौत हुई थी। रज्जाक अपने पिता की मौत का जिम्मेदार पुजारी कृपाल गिरि को मानता है। पुलिस पूछताछ में कई बार कह चुका है कि पिता की मौत का पुजारी जिम्मेदार है। हालांकि ग्रामीण इस बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं। पुलिस की जांच में भी ऐसी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
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