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धार्मिक भजनों पर झूमे श्रद्धालु, 108 थालों से की आरती
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Mon, 05 Oct 2015 06:34 PM IST
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माता कटोरी का ललना, झूल रहो पलना। मेरे गुरु महाराज तेरे दीवाने आए हैं। रंगमा रंगमा जैसे भजनों पर जैन समाज के लोग थिरकते रहे। सोमवार को पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर में आचार्य विमल सागर महाराज के जन्म शताब्दी महोत्सव के दूसरे दिन विमल सागर विधान में भक्तों ने जमकर गुरु का गुणगान किया। साथ ही गुरु की मां कटोरी देवी को बधाई दी।
शुभारंभ श्रीजी के अभिषेक पूजन के बाद हुआ। आशीष जैन और रीता दीदी ने आचार्य विमल सागर विधान का आयोजन कराया। कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन भावनगर गुजरात से आए कुमार शाह, धनबाद से आए मनोज जैन और उनके परिवार ने किया। भोपाल से आई विक्की एंड पार्टी के भजनों पर भक्त जमकर झूमे। कार्यक्रम में आशीष जैन ने कहा कि आचार्य विमल सागर महाराज का जन्म कोसमा गांव में हुआ था। उन्होंने बड़वानी सिद्ध क्षेत्र में आचार्य महावीर कीर्ति महाराज से क्षुल्लक दीक्षा ली। फिर सोनागिरि में मुनि दीक्षा लेकर मुनि विमल सागर पड़ा। टूंडला में संवत 2017 में उनका आचार्य पदारोहण हुआ। साथ ही झारखंड स्थित सम्मेद शिखर में वर्ष 1994 में समाधि ली। समिति के अध्यक्ष विक्रांत जैन ने बताया कि आचार्यश्री के अवदानों को जैन समाज कभी भुला नहीं सकता। इस दौरान आचार्यश्री का विशेष आशीर्वाद मिला है। संजीव जैन ने कहा कि आचार्यश्री की जन्मभूमि एटा में उनकी जयंती मनाने को बाहर से भक्त आए हैं। वहीं शाम को बड़े जैन मंदिर में आचार्य विमल सागर महाराज की 108 थालों से भव्य आरती की गई। साथ ही गरबा नृत्य कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर सुरेश चंद्र जैन, पदम जैन, सुन्नेश जैन, सुधीर जैन, सुनील बांदा, अभिषेक जैन, राजीव सुल्ली, महेश जैन, दीपक जैन, अमित जैन, दिनेश जैन, अरुण जैन, वशु जैन, अंकित जैन आदि मौजूद रहे।
आज निकलेगी शोभायात्रा
जन्म शताब्दी समारोह के तीसरे और अंतिम दिन शहर में आचार्यश्री की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। मीडिया प्रभारी वशु जैन ने बताया कि सुबह नौ बजे पुरानी बस्ती बड़े जैन मंदिर में विनयांजलि सभा होगी। इसके बाद आचार्यश्री की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करती हुई पथवारी गेस्ट हाउस पर संपन्न होगी। मंदिर में म्यूजिकल प्रश्नमंच होगा।
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शुभारंभ श्रीजी के अभिषेक पूजन के बाद हुआ। आशीष जैन और रीता दीदी ने आचार्य विमल सागर विधान का आयोजन कराया। कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन भावनगर गुजरात से आए कुमार शाह, धनबाद से आए मनोज जैन और उनके परिवार ने किया। भोपाल से आई विक्की एंड पार्टी के भजनों पर भक्त जमकर झूमे। कार्यक्रम में आशीष जैन ने कहा कि आचार्य विमल सागर महाराज का जन्म कोसमा गांव में हुआ था। उन्होंने बड़वानी सिद्ध क्षेत्र में आचार्य महावीर कीर्ति महाराज से क्षुल्लक दीक्षा ली। फिर सोनागिरि में मुनि दीक्षा लेकर मुनि विमल सागर पड़ा। टूंडला में संवत 2017 में उनका आचार्य पदारोहण हुआ। साथ ही झारखंड स्थित सम्मेद शिखर में वर्ष 1994 में समाधि ली। समिति के अध्यक्ष विक्रांत जैन ने बताया कि आचार्यश्री के अवदानों को जैन समाज कभी भुला नहीं सकता। इस दौरान आचार्यश्री का विशेष आशीर्वाद मिला है। संजीव जैन ने कहा कि आचार्यश्री की जन्मभूमि एटा में उनकी जयंती मनाने को बाहर से भक्त आए हैं। वहीं शाम को बड़े जैन मंदिर में आचार्य विमल सागर महाराज की 108 थालों से भव्य आरती की गई। साथ ही गरबा नृत्य कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर सुरेश चंद्र जैन, पदम जैन, सुन्नेश जैन, सुधीर जैन, सुनील बांदा, अभिषेक जैन, राजीव सुल्ली, महेश जैन, दीपक जैन, अमित जैन, दिनेश जैन, अरुण जैन, वशु जैन, अंकित जैन आदि मौजूद रहे।
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आज निकलेगी शोभायात्रा
जन्म शताब्दी समारोह के तीसरे और अंतिम दिन शहर में आचार्यश्री की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। मीडिया प्रभारी वशु जैन ने बताया कि सुबह नौ बजे पुरानी बस्ती बड़े जैन मंदिर में विनयांजलि सभा होगी। इसके बाद आचार्यश्री की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करती हुई पथवारी गेस्ट हाउस पर संपन्न होगी। मंदिर में म्यूजिकल प्रश्नमंच होगा।
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