फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   If there is a fire in the cold storages, it will be difficult to extinguish

शीतगृहों में आग लगी तो बुझाना होगी मुश्किल

Thu, 14 Apr 2022 07:09 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 07:09 PM IST
विज्ञापन
If there is a fire in the cold storages, it will be difficult to extinguish
अलीगंज रोड स्थित कोल्ड स्टोरेज के बरामदे में रखे आलू के पैकेट।संवाद - फोटो : ETAH
एटा। जी हां, दुआ करिए ऐसा न हो, लेकिन किसी तरह शीतगृह में आग लगी तो उसको बुझाना मुश्किल हो जाएगा। वजह, ये शीतगृह अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों को पूरा नहीं करते। आलू भंडारण के लिए सभी शीतगृहों का संचालन शुरू किया जा चुका है। वहीं एक भी शीतगृह संचालक ने इसके लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं लिया है, जो जरूरी होता है। जिले में करीब 1.81 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता के 18 कोल्ड स्टोर संचालित हैं।
विज्ञापन

अनापत्ति के लिए ये हैं मानक
- फायर एक्टिंग्यूशर और फायर बकेट।
- फायर अलार्म सिस्टम।
- कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण व किट।
- पानी का स्टेटिक टैंक 1.25 लाख लीटर क्षमता का होना चाहिए।
- ऐसे स्थान पर हो जहां अग्निशमन वाहन आसानी से आ-जा सकें।
- 1620 एलपीएम क्षमता की एक विद्युत चलित फायर पंप हो।
- फर्स्ट एड होज रील आइएसआइ के अनुसार होनी चाहिए।
- इलेक्ट्रिक, मीटर, मशीन कक्ष बरामदे में होंगे। ताकि आगजनी की घटना होने पर निपटने के लिए आसानी मिल सके।
निर्माण के समय ही ली गई एनओसी
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी सतीश चंद्र बताते हैं कि शीतगृह निर्माण के समय प्रोवीजनल एनओसी ली गई थी। शीतगृह संचालन पर भी एनओसी ली जानी चाहिए, लेकिन आज तक किसी भी संचालक ने एनओसी प्राप्त नहीं की है। अधिकांश शीतगृहों पर मानक के अनुसार यंत्र व अन्य व्यवस्थाएं नहीं हैं।
विज्ञापन

सात साल तक की सजा का प्रावधान
अग्निशमन संबंधी नियमों के उल्लंघन पर सात साल तक की सजा का प्रावधान है। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी बताते हैं कि अग्निरोधक मानक पूरे न करने पर सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया जाता है। इसमें संचालक को सात साल तक के कारावास की सजा और एक लाख रुपये तक का अर्थदंड दिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिना एनओसी 6 के लाइसेंस हो गए नवीनीकृत
संचालकों को शीतगृह लाइसेंस का भी नवीनीकरण शासन स्तर से कराना होता है। जिसमें अग्निशमन विभाग की एनओसी लगाना जरूरी है। स्थानीय अग्निशमन विभाग से किसी ने भी एनओसी नहीं ली, लेकिन हैरत की बात है कि छह शीतगृहों के लाइसेंस का नवीनीकरण भी हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed