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Etah News: नगर की सरकार के सौ दिन हुए पूरे, कुछ काम शुरू तो कुछ हैं अधूरे
Thu, 07 Sep 2023 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 07 Sep 2023 11:12 PM IST
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एटा। जिले के सभी निकायों की सरकार बने पूरे 100 दिन हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक बहुत से काम प्रारंभ नहीं हुए हैं, तो कुछ अधूरे पड़े हुए हैं। वहीं शहर में कई बड़ी समस्याएं हैं जिनका अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है।
नगर निकायों में अध्यक्षों के शपथ ग्रहण के बाद उनके कार्यकाल के सौ दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने अपने वादे कितने पूरे किए, कितनों पर कार्य हो रहा है और कितने बाकी हैं, ये सब शहर की जनता जानना चाहती है। इसको लेकर जब हमने जमीनी हकीकत को देखा तो पूरा लेखा-जोखा सामने आया। इससे पूर्व मीरा गांधी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। जनता को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पिछले पांच साल में जनता की अपेक्षा के अनुसार विकास कार्य नहीं हो पाए।
ऐसे में लोगों ने नई पालिकाध्यक्ष के रूप में बीजेपी की सुधा गुप्ता को चुना। इनसे शहर को उनसे काफी उम्मीदें हैं। चुनाव जीतने के बाद 26 मई को नई पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता ने शपथ ली थी। 22 जून को बोर्ड की पहली बैठक हुई। इस दौरान तब किए गए कुछ वादे पूरे हुए तो कुछ पर काम चल रहा है। हालांकि अभी तमाम काम ऐसे हैं, जिनसे जनता और अपेक्षा लगाए बैठी है।
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सफाई और जलभराव पर हुआ काम और दरकार
पिछले कार्यकाल की तुलना करें तो सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार दिख रहा है। जिन स्थानों पर पहले कई-कई दिन तक कूड़े के ढेर लगे रहते थे। अब वहां सफाईकर्मियों की टीमें बनाकर अतिरिक्त काम कराया जा रहा है। इसकेे अलावा पालिका की ओर एक पूजा सामग्री संग्रह वाहन की भी शुरूआत की गई है। यह वाहन शहर में घर-घर जाकर पूजा सामग्री का अपशिष्ट का संग्रह करेगा, लेकिन लोगों का कहना है कि अभी भी जिला मुख्यालय की तरह सफाई व्यवस्था नहीं है, इसे और बेहतर करने की जरूरत है।
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शहर में थोड़ी सी बरसात होने से हो जाता है जलभराव
शहर की दूसरी सबसे बड़ी समस्या बारिश से जलभराव की है। इसकी वजह से हल्की सी बरसात होते ही शहर तालाब में तब्दील हो जाता है। पालिका की ओर से नालों की सफाई मशीन लगाकर कराई गई। इसका कुछ इलाकों में असर भी दिखा, लेकिन समस्या अभी बरकरार है। तमाम इलाकों में बारिश रुकने के तीन-चार घंटे बाद तक पानी निकासी नहीं हो पाती। इसकी वजह से लोगों को घरों से निकलने तक में काफी समस्या होती है।
इन पर भी ध्यान देना जरूरी
- बाजार में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण
- कूड़ा निदान के लिए स्थायी कूड़ाघर का निर्माण
- कई जगह प्रमुख स्थानों पर बने डलावघरों की समस्या से निजात
- नालों पर स्थायी अतिक्रमण से निजात
- बनाए गए वेंडिंग जोन का क्रियान्वयन
- रेहड़ी पटरी वालों का वेंडिंग जोन में स्थानांतरण
- पार्कों का सौंदर्यीकरण
- शहर में पार्किंग की व्यवस्था
पूर्व में व्यवस्थाएं काफी खराब रहीं थीं। धीमे-धीमे सुधार कर पालिका में काम का माहौल बना रहे हैं। कई कार्य शुरू कराए गए हैं। शहर के सौंदर्यीकरण की योजना विशेष रूप से बनाई जा रही है। - सुधा गुप्ता, पालिकाध्यक्ष
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नगर निकायों में अध्यक्षों के शपथ ग्रहण के बाद उनके कार्यकाल के सौ दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने अपने वादे कितने पूरे किए, कितनों पर कार्य हो रहा है और कितने बाकी हैं, ये सब शहर की जनता जानना चाहती है। इसको लेकर जब हमने जमीनी हकीकत को देखा तो पूरा लेखा-जोखा सामने आया। इससे पूर्व मीरा गांधी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। जनता को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पिछले पांच साल में जनता की अपेक्षा के अनुसार विकास कार्य नहीं हो पाए।
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ऐसे में लोगों ने नई पालिकाध्यक्ष के रूप में बीजेपी की सुधा गुप्ता को चुना। इनसे शहर को उनसे काफी उम्मीदें हैं। चुनाव जीतने के बाद 26 मई को नई पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता ने शपथ ली थी। 22 जून को बोर्ड की पहली बैठक हुई। इस दौरान तब किए गए कुछ वादे पूरे हुए तो कुछ पर काम चल रहा है। हालांकि अभी तमाम काम ऐसे हैं, जिनसे जनता और अपेक्षा लगाए बैठी है।
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सफाई और जलभराव पर हुआ काम और दरकार
पिछले कार्यकाल की तुलना करें तो सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार दिख रहा है। जिन स्थानों पर पहले कई-कई दिन तक कूड़े के ढेर लगे रहते थे। अब वहां सफाईकर्मियों की टीमें बनाकर अतिरिक्त काम कराया जा रहा है। इसकेे अलावा पालिका की ओर एक पूजा सामग्री संग्रह वाहन की भी शुरूआत की गई है। यह वाहन शहर में घर-घर जाकर पूजा सामग्री का अपशिष्ट का संग्रह करेगा, लेकिन लोगों का कहना है कि अभी भी जिला मुख्यालय की तरह सफाई व्यवस्था नहीं है, इसे और बेहतर करने की जरूरत है।
शहर में थोड़ी सी बरसात होने से हो जाता है जलभराव
शहर की दूसरी सबसे बड़ी समस्या बारिश से जलभराव की है। इसकी वजह से हल्की सी बरसात होते ही शहर तालाब में तब्दील हो जाता है। पालिका की ओर से नालों की सफाई मशीन लगाकर कराई गई। इसका कुछ इलाकों में असर भी दिखा, लेकिन समस्या अभी बरकरार है। तमाम इलाकों में बारिश रुकने के तीन-चार घंटे बाद तक पानी निकासी नहीं हो पाती। इसकी वजह से लोगों को घरों से निकलने तक में काफी समस्या होती है।
इन पर भी ध्यान देना जरूरी
- बाजार में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण
- कूड़ा निदान के लिए स्थायी कूड़ाघर का निर्माण
- कई जगह प्रमुख स्थानों पर बने डलावघरों की समस्या से निजात
- नालों पर स्थायी अतिक्रमण से निजात
- बनाए गए वेंडिंग जोन का क्रियान्वयन
- रेहड़ी पटरी वालों का वेंडिंग जोन में स्थानांतरण
- पार्कों का सौंदर्यीकरण
- शहर में पार्किंग की व्यवस्था
पूर्व में व्यवस्थाएं काफी खराब रहीं थीं। धीमे-धीमे सुधार कर पालिका में काम का माहौल बना रहे हैं। कई कार्य शुरू कराए गए हैं। शहर के सौंदर्यीकरण की योजना विशेष रूप से बनाई जा रही है। - सुधा गुप्ता, पालिकाध्यक्ष