{"_id":"62d99305470d99085d5c7e7d","slug":"humidity-bothered-the-eyes-the-number-of-patients-reached-225-etah-news-agr5408572137","type":"story","status":"publish","title_hn":"उमस ने आंखों को किया परेशान, 225 तक पहुंची मरीजों की संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उमस ने आंखों को किया परेशान, 225 तक पहुंची मरीजों की संख्या
विज्ञापन
एटा। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी ने लोगों की आंखों को परेशान कर दिया है। अचानक नेत्र रोगियों की संख्या बढ़ी है। आंखों में जलन और संक्रमण के मरीज बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। बारिश होने से पहले जहां मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर रोज 150 मरीज आ रहे थे। अब यह संख्या 225 तक पहुंच गई है। नेत्र रोग इकाई में बृहस्पतिवार को भी आंखों से संबंधित समस्याएं लेकर आए लोगों की लाइन लगी रही।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज स्थित नेत्र रोग इकाई में बृहस्पतिवार को मरीजों की संख्या काफी रही। हर आयु वर्ग के लोग आंखों की बीमारी से पीड़ित देखे गए। बारिश और धूप निकलने से मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात चिकित्सक बता रहे हैं। आंखों में संक्रमण, खुजली, आईफ्लू के मरीज ज्यादा संख्या में चिकित्सकों के पास पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव और उमस की वजह से आंखों में संक्रमण, खुजली, आंखों का लाल होना और आईफ्लू के मरीजों की संख्या बारिश के बाद बढ़ी है। ऐसे लक्षण होने पर ठंडे पानी से आंखों को बार-बार धोना चाहिए। समय पर कुशल चिकित्सक से उपचार लेना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज स्थित नेत्र रोग इकाई में बृहस्पतिवार को मरीजों की संख्या काफी रही। हर आयु वर्ग के लोग आंखों की बीमारी से पीड़ित देखे गए। बारिश और धूप निकलने से मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात चिकित्सक बता रहे हैं। आंखों में संक्रमण, खुजली, आईफ्लू के मरीज ज्यादा संख्या में चिकित्सकों के पास पहुंचे।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव और उमस की वजह से आंखों में संक्रमण, खुजली, आंखों का लाल होना और आईफ्लू के मरीजों की संख्या बारिश के बाद बढ़ी है। ऐसे लक्षण होने पर ठंडे पानी से आंखों को बार-बार धोना चाहिए। समय पर कुशल चिकित्सक से उपचार लेना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन