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होम आइसोलेशन के नियम बदले, दस दिन भरेंगे चार्ट
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एटा। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन के नियमों में बदलाव किया हैं। अब संक्रमित को दस दिन तक निगरानी चार्ट भरना जरूरी होगा। बीते वर्ष दो जुलाई को बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट करने के निर्देश जारी हुए थे। अब इसमें कुछ बदलाव किया गया है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि नए नियम में घर पर उपचार कराने वाले रोगियों को शरीर के तापमान एवं ऑक्सीजन लेवल की जानकारी रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर रखने की सलाह दी गई है। मरीज अपना तापमान, ऑक्सीजन लेवल, पल्स रेट तथा अन्य किसी तरह की समस्या का विवरण दिन में तीन बार भरेंगे। मेडिकल टीम इस चार्ट को देखकर मरीज की स्थिति का आकलन कर इलाज उपलब्ध कराएंगे। जरूरत महसूस होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
दोबारा जांच कराने की नहीं है जरूरत
सीएमओ ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग दस दिन बाद बाहर आ सकते हैं। होम आइसोलेशन के बाद बाहर आने पर जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।
इन हालातों में डॉक्टर की सलाह जरूरी
- सांस लेने में तकलीफ होने पर।
- ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर
- सीने में लगातार दर्द व खाना खाने के बाद इसका बढ़ना।
- मानसिक रुप से अधिक परेशान होने पर।
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सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि नए नियम में घर पर उपचार कराने वाले रोगियों को शरीर के तापमान एवं ऑक्सीजन लेवल की जानकारी रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर रखने की सलाह दी गई है। मरीज अपना तापमान, ऑक्सीजन लेवल, पल्स रेट तथा अन्य किसी तरह की समस्या का विवरण दिन में तीन बार भरेंगे। मेडिकल टीम इस चार्ट को देखकर मरीज की स्थिति का आकलन कर इलाज उपलब्ध कराएंगे। जरूरत महसूस होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
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दोबारा जांच कराने की नहीं है जरूरत
सीएमओ ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग दस दिन बाद बाहर आ सकते हैं। होम आइसोलेशन के बाद बाहर आने पर जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।
इन हालातों में डॉक्टर की सलाह जरूरी
- सांस लेने में तकलीफ होने पर।
- ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर
- सीने में लगातार दर्द व खाना खाने के बाद इसका बढ़ना।
- मानसिक रुप से अधिक परेशान होने पर।