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Etah News: दो मार्च को होगा होलिका पूजन, 4 को खेली जाएगी
Sun, 01 Mar 2026 12:13 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 01 Mar 2026 12:13 AM IST
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गिरजेश पचौरी
एटा। फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला रंगों का महापर्व होली इस वर्ष विशेष खगोलीय संयोगों के कारण चर्चा में है। भद्रा और चंद्रग्रहण के चलते तिथियों को लेकर उत्पन्न संशय को ज्योतिषाचार्यों ने स्पष्ट किया है। निर्णय पंचांग के आधार पर इस बार होलिका पूजन और दहन 2 मार्च को किया जाएगा जबकि रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
ज्योतिषाचार्य श्रीधर भारद्वाज ने बताया कि 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी समय भद्रा भी प्रारंभ होकर रात्रि तक रहेगी। शास्त्रों में वर्णित है कि यदि भद्रा निशीथ काल यानी मध्य रात्रि के बाद तक रहे तो प्रदोष काल में भद्रा का मुख छोड़कर ही होलिका दहन करना उचित होता है।
3 मार्च को चन्द्रोदय के साथ शाम 6:14 बजे से प्रभावी माना जाएगा। ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है जो सुबह 9:20 बजे से लागू रहेगा। सूतक काल में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य व मांगलिक उत्सव वर्जित माने गए हैं। इसलिए 3 मार्च को रंगोत्सव मनाना शास्त्र सम्मत नहीं है। - पंडित सतेंद्र कुमार, छछैना
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सूतक काल व चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद 4 मार्च को रंगोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पंचाग के हिसाब से 2 मार्च को रात्रि में 8:30 तक होलिका दहन कर सकते हैं वहीं सुबह 5:30 से 6:15 तक दहन किया जा सकता है। 3 और 4 को होली हो सकती है। - पंडित गिरजेश पचौरी, रैवाड़ी मोहल्ला
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ज्योतिषाचार्य श्रीधर भारद्वाज ने बताया कि 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी समय भद्रा भी प्रारंभ होकर रात्रि तक रहेगी। शास्त्रों में वर्णित है कि यदि भद्रा निशीथ काल यानी मध्य रात्रि के बाद तक रहे तो प्रदोष काल में भद्रा का मुख छोड़कर ही होलिका दहन करना उचित होता है।
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3 मार्च को चन्द्रोदय के साथ शाम 6:14 बजे से प्रभावी माना जाएगा। ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है जो सुबह 9:20 बजे से लागू रहेगा। सूतक काल में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य व मांगलिक उत्सव वर्जित माने गए हैं। इसलिए 3 मार्च को रंगोत्सव मनाना शास्त्र सम्मत नहीं है। - पंडित सतेंद्र कुमार, छछैना
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सूतक काल व चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद 4 मार्च को रंगोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पंचाग के हिसाब से 2 मार्च को रात्रि में 8:30 तक होलिका दहन कर सकते हैं वहीं सुबह 5:30 से 6:15 तक दहन किया जा सकता है। 3 और 4 को होली हो सकती है। - पंडित गिरजेश पचौरी, रैवाड़ी मोहल्ला

गिरजेश पचौरी