{"_id":"6876512eb2c7ea301c025319","slug":"gujrat-ats-caught-fake-arms-licenses-gang-linked-to-etah-district-in-up-2025-07-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: एटा से जुड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस के तार...गुजरात एटीएस ने पकड़ा गिरोह, एजेंट को दिए थे 53 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: एटा से जुड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस के तार...गुजरात एटीएस ने पकड़ा गिरोह, एजेंट को दिए थे 53 लाख रुपये
Tue, 15 Jul 2025 06:31 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 15 Jul 2025 06:31 PM IST
सार
एटीएस के मुताबिक आरोपियों ने एटा जिले का निवासी बनकर फर्जी लाइसेंस बनवाए। इसके लिए यूपी के एजेंट देवकांत पांडे को 53.5 लाख रुपये दिए थे।
विज्ञापन
शस्त्र लाइसेंस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एटा में गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाॅड (एटीएस) ने अहमदाबाद से गिरोह पकड़ा है। इसके तार एटा से जुड़े हुए हैं। आरोपियों ने बाहरी लोगों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस एटा से बनवाए हैं। माना जा रहा है कि अब एटीएस यहां आकर आगे की पड़ताल करेगी।
एटीएस ने अहमदाबाद से 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये एटा जिले का फर्जी निवासी बनकर नकली लाइसेंस पर अवैध हथियार ले रहे थे। इनके पास से सात अवैध हथियार, 285 कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। एटीएस के मुताबिक आरोपियों ने एटा जिले का निवासी बनकर फर्जी लाइसेंस बनवाए। इसके लिए इन्होंने यूपी के एजेंट देवकांत पांडे को 53.5 लाख रुपये दिए थे। उन्हें तीन रिवॉल्वर और चार पिस्टल उपलब्ध कराई गईं। आरोपियों ने लाइसेंस में जो पता दिया वहां वे कभी रहे ही नहीं और न आए। ये लाइसेंस 2019 से 2022 तक के हैं। एटा में इस अवधि में 218 लाइसेंस बनाए गए थे।
विज्ञापन
एटीएस ने अहमदाबाद से 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये एटा जिले का फर्जी निवासी बनकर नकली लाइसेंस पर अवैध हथियार ले रहे थे। इनके पास से सात अवैध हथियार, 285 कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। एटीएस के मुताबिक आरोपियों ने एटा जिले का निवासी बनकर फर्जी लाइसेंस बनवाए। इसके लिए इन्होंने यूपी के एजेंट देवकांत पांडे को 53.5 लाख रुपये दिए थे। उन्हें तीन रिवॉल्वर और चार पिस्टल उपलब्ध कराई गईं। आरोपियों ने लाइसेंस में जो पता दिया वहां वे कभी रहे ही नहीं और न आए। ये लाइसेंस 2019 से 2022 तक के हैं। एटा में इस अवधि में 218 लाइसेंस बनाए गए थे।
विज्ञापन
चार महीने पहले 13 लाइसेंस की एटीएस कर चुकी है पड़ताल
इससे पहले भी अहमदाबाद में एटा के नाम के फर्जी शस्त्र लाइसेंस एटीएस पकड़ चुकी है। एटीएस अधिकारियों ने एटा आकर 13 शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी जुटाई थी जो विभिन्न थाना क्षेत्रों के थे। ये लाइसेंस 2016 से 2019 के मध्य बने हुए थे। जब फाइलें टटोली गईं तो कहीं भी इन लाइसेंस का ब्योरा नहीं मिला जबकि ये ऑनलाइन दर्ज थे। जांच में पाया गया कि इस समय अवधि में ऑफलाइन लाइसेंसों को ऑनलाइन फीड किया गया था। इसी प्रक्रिया में ये फर्जी लाइसेंस जालसाजों ने किसी तरह ऑनलाइन करा लिए।
एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि अभी कोई अधिकृत सूचना गुजरात एटीएस या वहां के प्रशासन से नहीं मिली है। मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। कोई कमी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें-UP: फोन पर बात की...फिर 12वीं के छात्र ने दी जान, फंदे पर लटकी लाश देख निकल गई परिजनों की चीख
इससे पहले भी अहमदाबाद में एटा के नाम के फर्जी शस्त्र लाइसेंस एटीएस पकड़ चुकी है। एटीएस अधिकारियों ने एटा आकर 13 शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी जुटाई थी जो विभिन्न थाना क्षेत्रों के थे। ये लाइसेंस 2016 से 2019 के मध्य बने हुए थे। जब फाइलें टटोली गईं तो कहीं भी इन लाइसेंस का ब्योरा नहीं मिला जबकि ये ऑनलाइन दर्ज थे। जांच में पाया गया कि इस समय अवधि में ऑफलाइन लाइसेंसों को ऑनलाइन फीड किया गया था। इसी प्रक्रिया में ये फर्जी लाइसेंस जालसाजों ने किसी तरह ऑनलाइन करा लिए।
एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि अभी कोई अधिकृत सूचना गुजरात एटीएस या वहां के प्रशासन से नहीं मिली है। मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। कोई कमी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें-UP: फोन पर बात की...फिर 12वीं के छात्र ने दी जान, फंदे पर लटकी लाश देख निकल गई परिजनों की चीख