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‘भगवान सिर्फ भाव का भूखा है’
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 02 Mar 2016 11:09 PM IST
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गंगा देवी माहेश्वरी भवन में गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, रामजन्म, नंद महोत्सव की लीला का वर्णन किया। भक्तों ने बधाई गीत गाए।
कथावाचक पंडित जवाहर ने गजेंद्र मोक्ष और वामन अवतार की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान सिर्फ भाव का भूखा है। प्रेम के वशीभूत होकर भक्त की मदद को आता है। गजेंद्र मोक्ष की लीला भी यही बताती है जब हाथी को मगरमच्छ ने पकड़ लिया तो स्वयं को विपदा में फंसा देखकर उसने मन से भगवान का स्मरण किया और भगवान ने भी बिना देरी किए उसको इस कष्ट से मुक्ति दी।
कथावाचक ने कहा कि दान का बहुत महत्व होता है। देर शाम नंदोत्सव की लीला का वर्णन किया गया। महिला भक्तों ने नंदोत्सव की बधाई दी। श्रीकृष्ण बाल रूप में सजे भगवान के चरण स्पर्श को भक्तों में होड़ रही। इस दौरान मुख्य यजमान सुनील गुप्ता, अनीता गुप्ता, संजीव गुप्ता, अर्चना गुप्ता, निर्मल सोमानी आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक पंडित जवाहर ने गजेंद्र मोक्ष और वामन अवतार की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान सिर्फ भाव का भूखा है। प्रेम के वशीभूत होकर भक्त की मदद को आता है। गजेंद्र मोक्ष की लीला भी यही बताती है जब हाथी को मगरमच्छ ने पकड़ लिया तो स्वयं को विपदा में फंसा देखकर उसने मन से भगवान का स्मरण किया और भगवान ने भी बिना देरी किए उसको इस कष्ट से मुक्ति दी।
कथावाचक ने कहा कि दान का बहुत महत्व होता है। देर शाम नंदोत्सव की लीला का वर्णन किया गया। महिला भक्तों ने नंदोत्सव की बधाई दी। श्रीकृष्ण बाल रूप में सजे भगवान के चरण स्पर्श को भक्तों में होड़ रही। इस दौरान मुख्य यजमान सुनील गुप्ता, अनीता गुप्ता, संजीव गुप्ता, अर्चना गुप्ता, निर्मल सोमानी आदि मौजूद रहे।
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