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आंधी ने कुरेदे किसानों के घाव
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:10 PM IST
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सोमवार की रात चली आंधी और बारिश ने एक बार फिर किसानों के होश उड़ा दिए
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हैं। खेतों में पड़ी फसलें, कटा गेहूं भूसा भीग गया। वहीं हवाओं से पेड़,
बिजली के तार टूटने की घटनाएं हुई हैं। शहर में लगे होर्डिंग और टीन शेड
उड़ गए।
ओलावृष्टि और खराब मौसम का कहर अभी थमा ही नहीं था कि सोमवार रात की आंधी और बरसात ने किसानों के घाव को फिर हरा कर दिया। भूकंप के झटकों से भयभीत लोग सोमवार रात को बेमौसम आंधी बरसात से सहम गए। बिजली की चमक और बादलों की गरज के साथ हुई बारिश से घबराए लोग भयभीत दिखाई दिए। ओलों की आशंका ने किसानों के फिर होश उड़ा दिए। बारिश ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। खेतों में लगी कटी फसल फिर भीग गई। तो वहीं थ्रेसिंग के बाद जमा भूसा आंधी की भेंट चढ़ गया। किसानों की माने तो टनों भूसे के ढेर कुछ ही देर में उड़ गए।
अलीगंज क्षेत्र में सुबह चार बजे से चली हवा और बारिश ने फसलों पर फिर हमला किया है। भीगे लाक और उड़े भूसे से आहत कृषक उमेशचंद्र, अहिवरन सिंह, दफेदार का कहना है कि कुदरत किसानों को रह रहकर बर्बाद कर रही है। किसानों को फसल की लागत नहीं मिल रही। अतिवृष्टि ने जहां पैदावार को चौथाई कर दिया वहीं बार बार हो रही बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाएं इसकी गुणवत्ता प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में इसका सही दाम भी नहीं मिल सकेगा।
ओलावृष्टि और खराब मौसम का कहर अभी थमा ही नहीं था कि सोमवार रात की आंधी और बरसात ने किसानों के घाव को फिर हरा कर दिया। भूकंप के झटकों से भयभीत लोग सोमवार रात को बेमौसम आंधी बरसात से सहम गए। बिजली की चमक और बादलों की गरज के साथ हुई बारिश से घबराए लोग भयभीत दिखाई दिए। ओलों की आशंका ने किसानों के फिर होश उड़ा दिए। बारिश ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। खेतों में लगी कटी फसल फिर भीग गई। तो वहीं थ्रेसिंग के बाद जमा भूसा आंधी की भेंट चढ़ गया। किसानों की माने तो टनों भूसे के ढेर कुछ ही देर में उड़ गए।
अलीगंज क्षेत्र में सुबह चार बजे से चली हवा और बारिश ने फसलों पर फिर हमला किया है। भीगे लाक और उड़े भूसे से आहत कृषक उमेशचंद्र, अहिवरन सिंह, दफेदार का कहना है कि कुदरत किसानों को रह रहकर बर्बाद कर रही है। किसानों को फसल की लागत नहीं मिल रही। अतिवृष्टि ने जहां पैदावार को चौथाई कर दिया वहीं बार बार हो रही बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाएं इसकी गुणवत्ता प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में इसका सही दाम भी नहीं मिल सकेगा।